Shani Sade Sati Upay: सोमवार को 30 दिसंबर के दिन सोमवती अमावस्या है। साढेसाती का प्रभाव कम करने और शनि देव की असीम कृपा पाने के लिए साल की आखिरी सोमवती अमावस्या पर करें ये खास उपाय-
मनसा देवी, चंडी देवी में ड्यूटी प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि श्रद्धालु कतार में ही आगे बढ़ें। भीड़ का दबाव बढ़ने पर तत्काल कंट्रोल रूम को जानकारी देने के साथ व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखेंगे।
सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को है। पौष महीने की अमावस्या सोमवार को पड़ने से इसका महात्म्य सौगुना बढ़ गया है। इस तिथि पर श्रीहरि विष्णु व देवाधिदेव महादेव का पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं आज के शुभ, अशुभ मुहूर्त…
Somvati Amavasya 2024: कल 30 दिसंबर 2024 को साल की आखिरी अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन स्नान-दान के कार्यों का बहुत महत्व होता है। साथ ही सोमवती अमावस्या होने के कारण इस दिन शिवजी की पूजा की जाती है।
Somvati Amavasya Upay: दिसंबर महीने की अमावस्या कल है। अमावस्या पर मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। साल की आखिरी अमावस्या के दिन कुछ उपाय करने से पैसों से जुड़ी दिक्कतों से राहत मिल सकती है।
Somvati Amavasya 2024 Date : दृक पंचांग के अनुसार, साल 2024 की आखिरी अमावस्या 30 दिसंबर दिन सोमवार को है। इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। इस दिन स्नान-दान के कार्य बेहद शुभ माने जाते हैं।
पौष माह में पड़ने वाली अमावस्या महत्वपूर्ण मानी जाती है और अगर यह सोमवार और शनिवार को पड़े तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस बार अमावस्या 30 दिसंबर सोमवार को है।
पौष महीने की अमावस्या सोमवार को पड़ने से इसका महात्म्य सौ गुना बढ़ गया है। इस तिथि पर श्रीहरि विष्णु एवं देवाधिदेव महादेव का पूजन करने से विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होगी। सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को पड़ेगी।
सोमवती अमावस्या पर स्नान और दान का बहुत अधिक महत्व है। हर साल दो या तीन ही सोमवती अमावस्या होती हैं। इसलिए इनका महत्व बहपत अधिक होता है। कहते हैं कि इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने, गंगा स्नान करने पितरों का तर्पण करने से पितर प्रसन्न होते हैं।