यदि चेकपोस्ट पर इस वाहन की जांच हो जाती तो ओवरलोडिंग देखते हुए उसे वहीं पर रोका जा सकता था और 15 लोगों को मौत से बचाया जा सकता था। वाहन की क्षमता 20 सीट की थी। जबकि इसमें सवार 26 लोग थे।
राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर एसयूवी की खड़े ट्रक से टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि हादसे में तीन महिलाओं सहित 12 लोगों की मौत हो गई। हादसा बेंगलुरु में यातायात पुलिस स्टेशन के पास हुआ।
मृतक तेनकासी जिले के काडयम के रहने वाले थे। वे लोग घर लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। ड्राइवर के नियंत्रण खोने के बाद बस खाई में गिर गई, जिसके बाद पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे।
पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि हादसे के समय राज्य सड़क परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) की बस कडप्पा से तिरूपति जा रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार तेल टैंकर आया और मोड़ पर ही बस से टकरा गया।
Salem Bus Accident: घटना 28 जून की दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के सेलम की है, जहां कलेक्टर कार्यालय में सफाईकर्मी के तौर पर काम करने वाली 45 वर्षीय महिला पपति की बस की टक्कर से मौत हो गई।
राजमार्ग पर दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों की औसत संख्या हर महीने 100 के करीब थी। इस साल जनवरी और जून के महीनों के बीच एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की कुल संख्या 512 थी।
छात्रा ने बस रोकने की काफी गुहार लगाई लेकिन, ड्राइवर और कंडक्टर ने बस रोकने से साफ इन्कार कर दिया। मजबूरन छात्रा को चलती बस से कूदना पड़ा।
एक अधिकारी ने बताया कि सुंगरू सेक्टर मतदान केंद्र 4 में तैनात निर्वाचन कर्मियों को लेकर जा रही मिनी बस वोखा जिले के थिलॉन्ग पुल के समीप पलट गई। ऐसा लगता है कि यांत्रिक गड़बड़ी के कारण यह दुर्घटना हुई।
पुलिस के मुताबिक, बस मोंडली गांव से धनु पैरोल गांव जा रही थी। उन्होंने बताया कि बचावकर्मियों ने एक 60 वर्षीय महिला सहित 4 लोगों को घटनास्थल पर मृत पाया, जबकि 16 अन्य को अस्पताल ले जाया गया।
एडवायजरी में कहा गया है, "कृपया फॉग लाइट्स पर ध्यान दें... धीमे चलें, सावधानी से ड्राइव करें, सामने वाली कार से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, पैदल चलने वालों से बचें, लेन न बदलें और ओवरटेक न करें।"