कानपुर के अंकित अग्रवाल ने बनाई है मंदिरों से निकलने वाले फूलों से फ्लेदर बनाने की तकनीक, इसी फ्लेदर से तैयार होगा पर्स, नामी-गिरामी कंपनी टॉमी हिलफिगर व केल्विन क्लेन कर रही लांच।
आईआईटी के वैज्ञानिकों ने बोन रीजनरेशन टेक्नोलॉजी विकसित की है, जिसकी मदद से जहां भी बोन नहीं है, वहां एक पेस्ट को इंजेक्ट किया जाएगा और खाली स्थान भर जाएगा। धीरे-धीरे पहले की तरह हड्डी आने लगेगी। इस ट
एक तरफ जहां भारत में कोरोना के मामलों में रोजाना गिरावट देखी जा रही है, तो वहीं दूसरी ओर चौथी लहर की भी खबरें सामने आ रही है। एक स्टडी के मुताबिक देश में इस साल जून के महीने में कोरोना की चौथी लहर...
देश की समस्या दूर करने को इनोवेटिव आइडिया और तकनीक की मदद से कोई समाधान खोज सकते हैं तो आईआईटी आपको 50 लाख रुपये देगा। संस्थान ने देश के विभिन्न सेक्टर से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण को इनोवेटर्स के...