संसद में तो लौटे राहुल गांधी, 10 तुगलक लेन में कब जाएंगे वापस? अभी कहां है ठिकाना
Rahul Gandhi Bungalow: सदस्यता बहाल होने के बाद 8 अगस्त को ही लोकसभा सचिवालय की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई थी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उनका बंगला दोबार आवंटित कर दिया गया था।

'मोदी सरनेम' मामले में घिरने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की लोकसभा में तो वापसी हो गई है, लेकिन 12 तुगलक लेन में वह कब लौटेंगे इसे लेकर स्थित स्पष्ट नहीं है। खबर है कि करीब दो महीने बीत चुके हैं और राहुल अब तक अपने पुराने पते पर वापस नहीं लौटे हैं। 23 अप्रैल को उन्होंने बंगला छोड़ दिया था और मां सोनिया गांधी के साथ शिफ्ट हो गए थे।
साल 2004 में उत्तर प्रदेश के अमेठी से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद राहुल को यह बंगला आवंटित हुआ था। वह करीब 19 सालों तक यहां रहे।
राहुल के करीबी सहयोगी बताते हैं कि वह 10 जनपथ बंगले में रह रहे हैं। साथ ही यह भी साफ नहीं है कि वह 12 तुगलक लेन में दोबारा कब लौटेंगे। लोकसभा के दो अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बात की आधिकारिक जानकारी नहीं है कि राहुल अपने वास्तविक पते पर पहुंच गए हैं। राहुल के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, 'वह 10 जनपथ से ही काम कर रहे हैं। वह अपने आधिकारिक बंगले में नहीं लौटे हैं और कोई भी नहीं जानता कि वह वापस कब लौटेंगे।'
मोदी सरनेम मामले में दोषी साबित होने के बाद उन्हें सांसद के तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया गया था। अयोग्य घोषित होने के 137 दिनों का बाद 7 अगस्त को उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई थी। उस दौरान भारत के शीर्ष न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसे गुजरात हाईकोर्ट ने पहले बरकरार रखा था।
सदस्यता बहाल होने के बाद 8 अगस्त को ही लोकसभा सचिवालय की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई थी और राहुल को उनका बंगला दोबार आवंटित कर दिया गया था।
खास बात है कि कांग्रेस की बैठकों, रणनीतियों पर चर्चा के लिए राहुल के बंगले को बेहद अहम जगह माना जाता है। यही बंगला था, जहां राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने राहुल के साथ मुलाकात की थी। वहीं, कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार भी कई बार इस बंगले में राहुल के साथ बैठकें कर चुके हैं।
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