पुलवामा अटैक दोहराने की थी प्लानिंग... जानें कैसे नाकाम हुई ना'पाक' साजिश
21 अप्रैल को सीआईएसएफ बस पर हुए हमले की घटना में जम्मू कश्मीर पुलिस ने सनसनीखेज दावा किया है। ऐसी जानकारी मिली है कि आतंकियों ने 2019 में हुए पुलवामा अटैक को दोहराने की साजिश रची थी।

जम्मू-कश्मीर के सुंजवां में सीआईएसएफ की बस पर हुए हमले की जांच में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। एक अन्य हिरासत में लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जम्मू कश्मीर पुलिस का दावा है पाकिस्तान की मदद से आतंकियों की फिदायीन हमला करते हुए 2019 पुलवामा हमला दोहराने की साजिश थी। जिसमें 40 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से यह मुमकिन नहीं हुआ। बताते चलें कि सीआईएसएफ की बस पर हुए हमले में एक सुरक्षाकर्मी शहीद हो गया था जबकि अन्य नौ घायल हुए थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना 21 अप्रैल की है। घाटी के सुंजवां बठिंडी जम्मू के जलालाबाद इलाके में दो आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। कथित तौर पर इलाके में छिपे हुए आतंकवादियों ने 22 अप्रैल की तड़के भारी गोलीबारी की, जिसके बाद सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई की और आज दो आतंकियों को ढेर किया गया। ये दोनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती दस्ते से जुड़े थे।
पुलवामा हमला दोहराने की थी साजिश
जम्मू कश्मीर जोन के एडीजीपी मुकेश सिंह ने दावा किया है सीआईएसएफ बस पर हुए हमले के साथ आतंकियों की पुलवामा हमले को दोहराने की साजिश थी। 2019 में हुए पुलवामा हमले में 40 से ज्यादा सुरक्षाबल शहीद हो गए थे। पुलिस के अनुसार, आतंकवादियों ने हाल ही में घुसपैठ की थी और उन्हें उनके पाकिस्तान स्थित आकाओं द्वारा जम्मू शहर में फिदायीन हमले को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था।" मामले में आगे की जांच में त्राल निवासी शफीक अहमद शेख को गिरफ्तार किया गया है।
एडीजीपी ने कहा, “उसे जैश (आतंकवादी संगठन) ने जम्मू आने का निर्देश दिया था। उन्हें दो आतंकियों को अपने घर पर रखना था। वे अपने घर के पास सुरक्षा बल के शिविर पर हमला करने वाले थे।” शफीक अहमद से आगे की पूछताछ में एक अन्य आरोपी मोहम्मद इकबाल की पहचान हुई, जिसे अब पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
कैसे पकड़े गया शफीक अहमद शेख
इंडिया टुडे के मुताबिक, एडीजीपी मुकेश सिंह ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने में पुलिस टीम ने मोबाइल टॉवर और सर्विलांस की मदद ली। पुलिस टीम को जांच में बिलाल अहमद बेग नाम के शख्स की जानकारी हाथ लगी। पुलिस के मुताबिक, बिलाल अहमद को सांबा इलाके से आतंकियों को शफीक अहमद शेख के पास लाने की जिम्मेदारी मिली थी।
और क्या कहा शफीक ने
पुलिस के अनुसार, शफीक अहमद शेख ने खुलासा किया है कि उसके भाई आसिफ अहमद शेख ने आतंकवादियों के ठिकाने की जगह खोजने में मदद की, साथ ही आतंकवादियों को मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराए। फिलहाल आसिफ और बिलाल दोनों फरार हैं। जांच के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से दो एके-47 राइफल, एक पिस्टल और भारी गोला-बारूद बरामद किया गया है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।