'लोकतंत्र है तभी बोल रहे, मगर गाली नहीं दे सकते', राहुल गांधी की PC पर रवि शंकर से लेकर मेघवाल तक बरसे
बीजेपी ने सीनियर नेता व केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राहुल गांधी को लोकतंत्र की याद दिलाई। मेघवाल ने कहा, 'उनकी( राहुल गांधी) आवाज कौन रोक रहा है। इस देश में लोकतंत्र है तभी वो बोल रहे हैं।'

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा की सदस्यता रद्द होने के बाद शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने भाजपा शासित केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि मेरा नाम सावरकर नहीं, मेरा नाम गांधी है। गांधी किसी से माफी नहीं मांगता। कांग्रेस लीडर के इन बयानों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदत के मुताबिक भटकाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'राहुल ने गलत बयानी की और विषय पर कुछ नहीं बोला। राहुल को 2019 में उनके भाषण पर सजा हुई है। आज उन्होंने कहा कि 'मैं सोच समझ कर बोलता हूं' मतलब 2019 में जो राहुल गांधी ने बोला था वे सोच समझ कर बोला थे।'
बीजेपी ने सीनियर नेता व केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राहुल गांधी को लोकतंत्र की याद दिलाई। मेघवाल ने कहा, 'उनकी( राहुल गांधी) आवाज कौन रोक रहा है। इस देश में लोकतंत्र है तभी वो बोल रहे हैं। लेकिन सोच समझकर बोलना पड़ेगा। आप किसी को गाली नहीं दे सकते। सारी जाति चोर नहीं होती, उन्हें ये ध्यान रखना होगा। लोकतंत्र को न मानने वाली कांग्रेस है।' वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राहुल को घेरा। उन्होंने कहा, 'आज कांग्रेस के लोग मुंह पर ताला लगाकर बैठे हैं। राहुल गांधी जी आपने अपने मुंह पर ताला तब क्यों नहीं लगाया, जब आप अपने मुंह से मोदी जाति के लिए अपमानजनक शब्द निकालते थे।'
अडानी मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहती है भाजपा: सीएम बघेल
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर अडानी मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। सीएम बघेल ने कहा, 'भाजपा अडानी के मुद्दे को लेकर ध्यान भटकाना चाहती है। राहुल गांधी अड़े हुए हैं कि कंपनियों में 20,000 करोड़ कैसे डाले गए? इस सवाल का जवाब वे लेकर रहेंगे चाहे सदस्यता रद्द करें, माफी मांगने की बात करें या आरक्षण का मुद्दा लाएं... अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के नहीं हैं क्या? लालू यादव, तेजस्वी यादव, भूपेश बघेल पिछड़े वर्ग के नहीं हैं क्या? सभी को भाजपा ने परेशान कर रखा है।' वहीं, पश्चिम बंगाल प्रदेश यूथ कांग्रेस ने संसद के सदस्य के रूप में राहुल की अयोग्यता के खिलाफ धर्मतला में विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में कांग्रेस का झंडा लिए इन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
राहुल बोले- संसद में रहूं या संसद के बाहर रहूं...
राहुल गांधी ने राजधानी में कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके संसद की सदस्यता से अयोग्य किए जाने की कार्रवाई या उन्हें संसद में बोलने का मौका न दिए जाने का केवल एक कारण है, वह यह कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्यमी 'अडानी जी' के संबंधों पर उठ रहे सवाल से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा, 'मैं संसद में रहूं या संसद के बाहर रहूं। मैं इस मुद्दे को उठाता रहूंगा और इससे पर्दा उठाकर ही रहूंगा।' राहुल ने गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी उद्योग समूह व कथित शेल कंपनियों में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह पैसा अडानी का हो नहीं सकता, क्योंकि उनके कारोबार में इस स्तर की नकद कमाई नहीं होती। उन्होंने अडानी को 'भ्रष्ट' बताते हुए कहा कि यह पैसा जब भारत में ड्रोन और मिसाइल जैसे उद्योगों में लगाया गया है, तो रक्षा मंत्रालय को इसकी चिंता क्यों नहीं होती कि इसमें किसका पैसा लगा हुआ है।
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