कोई आका नहीं, मैं खुद डॉन हूं; पुलिस से बोले अतीक अहमद को छलनी करने वाले
खबरें थी कि अतीक और अशरफ की हत्या में तुर्की में बनी जिगाना बंदूक का इस्तेमाल हुआ था। दरअसल, भारत में यह पिस्टल बैन है और तीनों युवाओं के पास इसका होना पुलिस को भी हैरत में डाल रहा है।

माफिया डॉन अतीक अहमद पर हमला करने वाले तीनों शूटरों से पूछताछ का दौर जारी है। खबर है कि इस दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। कहा जा रहा है कि सनी सिंह ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि वह किसी के लिए काम नहीं करता है। वह खुद को 'डॉन' बता रहा है। शनिवार रात अतीक और खालिद अजीम उर्फ अशरफ पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हमलावर लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य से शुरुआती दौर की पूछताछ चल रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सनी ने पुलिस से पुलिस से कहा कि वह खुद एक डॉन है और उसका कोई आका नहीं है। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। कहा जा रहा है कि तीनों ही हमलावर इस कांड के जरिए नाम कमाने की बात कर रहे थे।
कहां से आई पिस्टल?
खबरें थी कि अतीक और अशरफ की हत्या में तुर्की में बनी जिगाना बंदूक का इस्तेमाल हुआ था। दरअसल, भारत में यह पिस्टल बैन है और तीनों युवाओं के पास इसका होना पुलिस को भी हैरत में डाल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस से पूछताछ में अरुण ने बताया कि उसे जानकारी नहीं थी कि वह इतना महंगा हथियार है। माना जा रहा है कि इस पिस्टल की कीमत करीब 5 लाख रुपये है।
और क्या खुलासे
एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तीनों शूटरों को हथियार और आईडी कार्ड गोगी गैंग की तरफ से मिले थे। इधर, पुलिस ने हमालवरों के करीबियों की भी धरपकड़ शुरू कर दी है।
तीन हमलावर
अतीक की हत्या में शामिल रहे तीनों हमलावरों के बीच कनेक्शन को भी पुलिस तलाश रही है। दरअसल, अरुण उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है। वहीं, सनी हमीरपुर और लवलेश बांदा से आता है। खबर है कि ये तीनों 13 अप्रैल को प्रयागराज के एक होटल में एकजुट हुए थे। उन्होंने 15 अप्रैल की रात माफिया ब्रदर्स को निशाना बनाया।
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