Paytm और उसके संस्थापक विजय शेखर शर्मा की क्या ईडी कर रही जांच?
Paytm and ED: पेटीएम के शेयर होल्डर्स से लेकर उसके यूजर्स तक आजकल बेहद परेशान हैं। पेटीएम पेमेंट बैंक पर आरबीआई के डंडे के बाद अब ईडी की जांच की खबरें आ रही हैं। जानें इनपर पेटीएम ने क्या कहा...

पेटीएम और उसके संस्थापक विजय शेखर शर्मा की ईडी द्वारा जांच की खबरों को कंपनी ने सिरे से खारिज कर दिया है। पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने रविवार को उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि इसके संस्थापक विजय शेखर शर्मा या अन्य ईडी द्वारा जांच की जा रही है।
व्यापारियों और यूजर्स से पूछताछ: कंपनी ने एक बयान में कहा, "न तो कंपनी और न ही इसके संस्थापक और सीईओ की मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच की जा रही है।" हालाकि, कंपनी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि 'उसके प्लेटफॉर्म पर कुछ व्यापारियों और यूजर्स से पूछताछ की गई है, जहां उन्होंने हमेशा अधिकारियों के साथ सहयोग किया है।'
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जांच एजेंसी पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा केवाईसी से संबंधित खामियों के लिए पेटीएम की जांच कर सकती है, जो कुछ महीने पहले भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा साझा की गई। ओसीएल ने अपने बयान में कहा, "हम भारतीय कानूनों का पालन करते हैं और नियामक आदेशों को अत्यंत गंभीरता से लेते हैं।"
Paytm की मुसीबतों की जड़
दरअसल पेमेंट बैंक Paytm की मुसीबतों की जड़ है। KYC का पालन ठीक से नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेटीएम पेमेंट बैंक में एक पैन नंबर पर 1000 खाते खुले हैं। वॉलेट में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। इसके जरिए काला धन सफेद होने की आशंका है। गड़बड़ियों को देखते हुए आरबीआई ने पेमेंट बैंक को मार्च से नई जमा स्वीकार करने पर रोक लगा दिया है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय बैंक ने इस मुद्दे को अलग से प्रवर्तन निदेशालय को भेज दिया है।
कारोबारियों को पेटीएम से हटने की सलाह जारी: कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने व्यापारियों को अपने कारोबार से संबंधित लेनदेन के लिए पेटीएम से अन्य मंचों पर स्थानांतरित होने की सलाह की है। पेटीएम वॉलेट और बैंक परिचालन पर भारतीय रिजर्व बैंक के अंकुशों के बाद कैट की ओर से यह सलाह दी गई है।
कैट ने बयान जारी कर कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा हाल में पेटीएम पर लगाए अंकुशों को लेकर देशभर में व्यापारियों को अपने पैसे की सुरक्षा के लिए अन्य मंचों का इस्तेमाल करना चाहिए। कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी, विक्रेता, हॉकर और महिलाएं पेटीएम के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं और आरबीआई के अंकुशों से इन लोगों को वित्तीय तौर पर दिक्कत आ सकती है।
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