इस बड़ी कंपनी से बाहर होगी सरकार, धीरे-धीरे बेचेगी अपनी हिस्सेदारी
सरकार, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। अगर मौजूदा मार्केट प्राइस के हिसाब से देखें तो सरकार की हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 40000 करोड़ रुपये है।

सरकार, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) में अपनी बची हुई हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। हिंदुस्तान जिंक में सरकार अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे करके बेचेगी। इस हिस्सेदारी से सरकार अधिक से अधिक वैल्यू हासिल करना चाहती है। यह बात फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कही गई है। मौजूदा मार्केट प्राइस पर सरकार की हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 40000 करोड़ रुपये है। हिंदुस्तान जिंक के शेयर मंगलवार को 321.15 रुपये पर बंद हुए हैं।
हिंदुस्तान जिंक में वेदांता की 64.92% हिस्सेदारी
हिंदुस्तान जिंक, वेदांता लिमिटेड की सहायक कंपनी है। हिंदुस्तान जिंक में वेदांता की हिस्सेदारी 64.92 पर्सेंट है। साल 2002-03 में देश की सबसे बड़ी जिंक माइनिंग को प्राइवेटाइज्ड किया गया था। कंपनी में सरकार की 29.54 पर्सेंट हिस्सेदारी को पब्लिक फ्लोट के रूप में कैटेगाइज्ड किया गया था। हालांकि, साल 2021 में वेदांता सरकार से बची हुई हिस्सेदारी खरीदने का केस हार गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को पब्लिक ऑफर्स के जरिए हिस्सेदारी बेचकर एग्जिट करने की अनुमति दी है।
ऑफर फॉर सेल लाने की तैयारी में है सरकार
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) के शेयरों का पहला OFS (ऑफर फॉर सेल) लाने के लिए मर्चेंट बैंकर्स के साथ बातचीत चल रही है। ऑफर फॉर सेल चालू वित्त वर्ष में आ सकता है। हिंदुस्तान जिंक, देश की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रॉड्यूसर है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी के माइन्ड मेटल प्रॉडक्शन में 1 पर्सेंट की मामूली गिरावट आई है। पिछले एक साल में हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में करीब 15 पर्सेंट का उछाल आया है। कंपनी के शेयर 18 अक्टूबर 2022 को 280.60 रुपये पर थे, जो कि 17 अक्टूबर 2023 को 321.15 रुपये पर बंद हुए हैं।
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