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RBI की सख्ती के बाद लोन पर क्या असर पड़ेगा, SBI चेयरमैन ने बताया

आरबीआई ने पिछले सप्ताह बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिये व्यक्तिगत और क्रेडिट कार्ड कर्ज जैसे असुरक्षित माने जाने वाले लोन के नियमों को कड़ा किये जाने की घोषणा की।

Deepak Kumar एजेंसी, नई दिल्लीWed, 22 Nov 2023 08:59 PM
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RBI की सख्ती के बाद लोन पर क्या असर पड़ेगा, SBI चेयरमैन ने बताया

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नियमों को कड़ा किये जाने से बैंक के असुरक्षित माने जाने वाले कर्ज देने के मामलों में कमी आएगी। खारा ने कहा कि उच्च जोखिम भार के कारण दिसंबर तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन पर 0.02 प्रतिशत से 0.03 प्रतिशत का प्रभाव पड़ेगा। लेकिन सही तस्वीर अगली तिमाही में उभरेगी। 

क्या है आरबीआई का फैसला: बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले सप्ताह बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिये व्यक्तिगत और क्रेडिट कार्ड कर्ज जैसे असुरक्षित माने जाने वाले लोन के नियमों को कड़ा किये जाने की घोषणा की। संशोधित मानदंड में रिस्क वेटेज में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसका मतलब है कि पर्सनल लोन के मामले में बैंकों को अलग से ज्यादा राशि का प्रावधान करना होगा। इससे बैंक किसी प्रकार के दबाव की स्थिति में उससे निपटने में ज्यादा सक्षम होंगे। साथ ही इस कदम से लोगों के लिये व्यक्तिगत कर्ज और क्रेडिट कार्ड के जरिये ऋण लेना महंगा होगा।

खारा ने कहा कि कोष की लागत बढ़ने के साथ-साथ ऐसे कर्ज पर ब्याज दरें भी बढ़ेंगी। एक पूंजीगत लागत होगी जिसे नये मानदंडों के कारण बैंक को वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि असुरक्षित कर्ज के मामले में बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) 0.70 प्रतिशत है। 

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