IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश पर सीएम योगी का एक और एक्शन, संपत्तियों की विजिलेंस जांच का आदेश
पहले से ही कई घोटालों में आरोपों से घिरे और गुरुवार को कारोबारी से कमीशन मांगने के बाद निलंबित किए गए आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की संपत्ति की भी जांच होगी। सीएम योगी ने संपत्ति की विजिलेंस जांच का आदेश दे दिया है।

कारोबारी से दलाल के माध्यम से कमीशन मांगने के आरोप में निलंबित हुए चर्चित आईएएस अभिषेक प्रकाश के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस जांच शुरू होने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि नियुक्ति विभाग की संस्तुति के आधार पर गृह विभाग ने यह कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही उनके खिलाफ टीम बनाकर आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश के मुख्यालय छोड़कर बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। उन्हें बाहर जाने से पहले नियुक्ति विभाग से अनुमति लेनी होगी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अभिषेक प्रकाश के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके आधार पर ही नियुक्ति विभाग ने गृह विभाग से उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच का पत्र भेजा है।
इसके बाद गृह विभाग के अधीन आने वाले विजिलेंस विभाग ने शुक्रवार को उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए एक टीम बनाकर इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान उनके संपत्तियों को खंगाला जाएगा, यह देखा जाएगा कि उन्होंने कितनी संपत्तियां बनाई हैं। इसमें उनके नातेदारों, रिश्तेदारों के साथ ही करीबियों के बारे में भी छानबीन की जाएगी।
बढ़ सकती है परेशानी
सूत्रों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच आगे बढ़ाने के साथ ही अभिषेक प्रकाश की परेशानी और भी बढ़ सकती है। वह जहां-जहां तैनात रहे हैं वहां-वहां उनकी संपत्तियों के बारे में पूरी जानकारी एकत्र की जाएगी। यह देखा जाएगा कि उन्होंने जो भी संपत्तियां बनाई हैं, वो नंबर एक में है या नंबर दो के पैसे से कमाई हैं। शासन के एक सूत्र का कहना है कि मुख्यमंत्री इतना नाराज हैं कि आगे चलकर अभिषेक प्रकाश की परेशानियां और भी बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही यह देखा जाएगा कि सीईओ इंवेस्ट यूपी रहने के दौरान सबसे अधिक उनके पास कौन-कौन आता था।
शिकायत पर कार्रवाई हुई
आईएएस अभिषेक प्रकाश पर एसएईएल सोलर पॉवर कंपनी का प्रोजेक्ट मंजूर करने के लिए अपने करीबी निकांत जैन के माध्यम से पांच प्रतिशत घूस मांगने का आरोप है। इस मामले में सोलर कंपनी की ओर से गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराने के साथ विराम खंड निवासी बिचौलिए निकांत जैन को हुसड़िया चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था।
शिकायत है कि अभिषेक प्रकाश ने कंपनी संचालकों से निकांत जैन से संपर्क करने को कहा था। मूल रूप से मेरठ के शांतिनगर निवासी निकांत जैन ने प्रोजेक्ट को मंजूर करने के लिए उसकी कुल लागत की पांच फीसदी रकम रिश्वत के रूप में मांगी। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि विश्वजीत दास ने मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से इसकी शिकायत की थी।
मुख्य सचिव स्वयं देख रहे मामले को
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह स्वयं अब इस मामले में सक्रिय हैं कि किसी और निवेशक को तो परेशान नहीं किया है। उन्होंने ही शिकायत के बाद जब इस प्रकरण की गोपनीय जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। जिसके बाद पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने तत्काल इंवेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की जांच के लिए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। जिसके बाद पुलिस ने बिचौलिए निकांत जैन को चिन्हित करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।