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सात समुंदर पार पहुंचा IIT, अब तंजानिया के जंजीबार में खुलेगा पहला विदेशी कैंपस

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस कैंपस में एडमिशन के नियम IIT मद्रास तय करेगा और संस्थान के जरिए ही डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा IIT मद्रास की इस कैंपस को लेकर रणनीतियां तैयार करेगा।

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीThu, 6 July 2023 12:36 PM
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सात समुंदर पार पहुंचा IIT, अब तंजानिया के जंजीबार में खुलेगा पहला विदेशी कैंपस

IIT यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अब भारत की सीमा को पार कर चुका है। अब तंजानिया के जंजीबार में भी IIT खुलने जा रहा है। खास बात है कि यह पहला मौका है, जब देश का प्रतिष्ठित संस्थान सीमा पार भी सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। भारत सरकार का यह कदम 2020 में आई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भी जुड़ा है। दरअसल, एनईपी में कहा गया था कि भारत में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को अन्य देशों में भी पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के तंजानिया दौरे पर ही दोनों देशों के शिक्षा अधिकारियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके तहत जंजीबार में IIT मद्रास का कैंपस स्थापित किया जाएगा। इस कैंपस में अक्टूबर से ही पाठ्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। गुरुवार केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी थी।

कहा है जंजीबार और डिग्री कैसे मिलेगी
जंजीबार पूर्वी अफ्रीका में मौजूद एक द्वीपसमूह है। साल 1964 में यह तंजानिका के साथ मिला और तंजानिया गणराज्य का गठन हुआ था। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस कैंपस में एडमिशन के नियम IIT मद्रास तय करेगा और संस्थान के जरिए ही डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा IIT मद्रास की इस कैंपस को लेकर रणनीतियां तैयार करेगा।

विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, 'आईआईटी मद्रास का जंजीबार परिसर स्थापित करने के समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने का साक्षी बना। इस अवसर पर राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली मिविन्यी, अन्य मंत्रियों की उपस्थिति के लिए आभार।' विदेश मंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम वैश्विक दक्षिण क्षेत्र को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह अफ्रीका के साथ संबंध मजबूत करने को दिखाता है।

साल 2021 में सरकार ने विदेशों में शिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए 16 सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इसकी अगुवाई IIT काउंसिल की स्थाई समिति के अध्यक्ष के राधाकृष्णन कर रहे थे। उनकी तरफ से सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि विदेशों में IITs को स्थापित करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।

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