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एक्सिडेंट के बाद 7 महीने से बेहोश पड़ी है महिला, AIIMS में दिया बच्ची को जन्म

एक 23 वर्षीय महिला बीते करीब सात महीनों से एक सड़क दुर्घटना में सिर की चोट लगने के बाद हुई कई सर्जरी के बाद बेहोश पड़ी है। उसने पिछले हफ्ते एम्स में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है।

Himanshu लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।Fri, 28 Oct 2022 09:44 AM
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एक्सिडेंट के बाद 7 महीने से बेहोश पड़ी है महिला, AIIMS में दिया बच्ची को जन्म

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की एक 23 वर्षीय महिला बीते करीब सात महीनों से एक सड़क दुर्घटना में सिर की चोट लगने के बाद हुई कई सर्जरी के बाद बेहोश पड़ी है। उसने पिछले हफ्ते एम्स में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, हादसे के समय महिला अपने पति के साथ बाइक पर जा रही थी। इस दौरान उसने हेलमेट नहीं पहना था। आपको बता दें कि घटना इसी साल 31 मार्च को हुई थी।

इस हादसे में महिला के सिर में कई गंभीर चोटें आईं। हालांकि उसकी जान बच गई, लेकिन वह बेहोश रही। न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर दीपक गुप्ता ने कहा, "वह अपनी आंखें खोलती हैं, लेकिन वह कुछ समझने या फिर प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं है। डॉ गुप्ता ने कहा, 'अगर महिला ने हेलमेट पहना होता तो उसकी जिंदगी कुछ और होती।'

एक प्राइवेट ड्राइवर के रूप में काम करने वाले महिला के पति ने अपनी नौकरी छोड़ दी है। वह अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल कर रहा था। उन्होंने कहा, "मेरे पास अब कहने के लिए कुछ नहीं है। मुझे नहीं पता कि क्या करना है और जीवन कैसे चलेगा। सब कुछ ठप हो गया है।"

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रो गुप्ता ने बताया कि एम्स पहुंचने पर महिला 40 दिनों की गर्भवती थी। स्त्री रोग विशेषज्ञों की एक टीम ने उसकी स्थिति की समीक्षा की और यह पाया गया कि बच्चा स्वस्थ था। गर्भावस्था को समाप्त करने का कोई संकेत नहीं था। डॉक्टरों ने फैसला मरीज के परिवार पर छोड़ दिया। डॉक्टर ने कहा, "गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के बजाय उसके पति ने बच्चे को रखने का विकल्प चुना।"

पिछले गुरुवार को एम्स में स्त्री रोग विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा सामान्य प्रसव कराया गया। महिला अपनी बच्ची को दूध नहीं पिला सकती, इसलिए बोतल से दूध दिया जा रहा है।

ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर महिला बेहोशी की अवस्था में थी। उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया। अगले दिन उसका ऑपरेशन किया गया। उसके क्षतिग्रस्त मस्तिष्क के हिस्से को हटा दिया गया। चार सप्ताह के बाद उसकी एक और सर्जरी हुई। बाद में उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया। डॉक्टरों ने कहा, "30 मार्च से 15 जून के बीच कुल पांच न्यूरोसर्जिकल ऑपरेशन किए गए।"

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