AIIMS के सर्वर पर हुए साइबर हमले का मुद्दा थरूर ने संसद में उठाया, बोले- मकसद नहीं चला पता, गहन जांच हो
शशि थरूर ने कहा, 'एम्स के सर्वर पर साइबर हमला हुआ है। इस साइबर हमले के मकसद के बारे में पता नहीं चला है जो यह बहुत चिंता का विषय है। इसकी गहन जांच और व्यापक प्रतिक्रिया की जरूरत है।'

दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के सर्वर पर हुए साइबर हमलों का मुद्दा संससद में सोमवार को भी गूंजा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने देश में कथित तौर पर 'कमजोर डेटा सुरक्षा सुरक्षा उपायों' पर सदन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने इस मामले पर केंद्र की प्रतिक्रिया की मांग की और इसकी गहन जांच की अपील की।
नियम 377 के तहत ही थरूर ने एम्स के सर्वर पर साइबर हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि नागरिकों के निजी डाटा की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। थरूर ने कहा, 'एम्स के सर्वर पर साइबर हमला हुआ है। इस साइबर हमले के मकसद के बारे में पता नहीं चला है जो यह बहुत चिंता का विषय है। इसकी गहन जांच और व्यापक प्रतिक्रिया की जरूरत है।'
'हमलों को रोकने के लिए कदम उठाना जरूरी'
थरूर ने कहा, 'मैं अपील करता हूं कि नागरिकों के डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आगे ऐसे हमलों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।' इससे पहले शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी के रीतेश पाण्डेय ने संसद में यह मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि हाल ही में एम्स के सर्वरों पर घातक साइबर हमला हुआ है जो बहुत ही चिंताजनक बात है। इसके आसपास ही भारतीय चिकत्सिा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सर्वर पर 6 हजार बार साइबर सेंधमारी की कोशिश हुई। ये सर्वर अभी तक सामान्य स्थिति में नहीं आ पाए हैं।
साइबर हमले की NIA कर रही जांचः चंद्रशेखर
सूचना और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि इस साइबर हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जांच कर रही है। उन्होंने कहा, 'फिलहाल मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता। लेकिन यह साफ है कि यह सोचा-समझा हुआ और निशाना बनाकर किया गया हमला है।' मालूम हो कि एम्स के सर्वर पर बीते 23 नवंबर को रैंसमवेयर हमला हुआ था। साइबर हमलावरों के खिलाफ उगाही और साइबर आतंकवाद का मामला दर्ज किया गया है।
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