हर्ष हत्याकांडः भड़काऊ भाषण में कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा के खिलाफ जांच के आदेश
अदालत ने पुलिस को ईश्वरप्पा के खिलाफ मामला दर्ज करने और भड़काऊ भाषणों के आरोपों की जांच करने के लिए कहा है, जिसमें मंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि हर्ष की हत्या राजनीतिक और धार्मिक कारणों से हुई थी।

बजरंग दल कार्यकर्ता हर्ष की हत्या के बाद दिए गए भड़काऊ भाषणों के लिए एक विशेष अदालत ने ग्रामीण विकास मंत्री केएस ईश्वरप्पा के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने पुलिस को ईश्वरप्पा के खिलाफ मामला दर्ज करने और भड़काऊ भाषणों के आरोपों की जांच करने के लिए कहा है, जिसमें मंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि हर्ष की हत्या राजनीतिक और धार्मिक कारणों से हुई थी।
दरअसल, केएस ईश्वरप्पा ने 21 फरवरी को आरोप लगाया था कि शिवमोग्गा जिले में 23 वर्षीय एक व्यक्ति की हत्या में मुस्लिम गुंडे शामिल थे। ईश्वरप्पा ने कहा था, "मुस्लिम गुंडों ने उसे मार डाला है। डीके शिवकुमार के हालिया बयान के कारण ऐसा हुआ। उनके बयान ने मुस्लिम गुंडों को प्रोत्साहित किया। यह गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्ष की कथित झगड़े के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। राज्य सरकार ने हर्ष की हत्या और राज्य में हिजाब के विरोध के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था। इस बीच, ईश्वरप्पा ने गुरुवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पर कांग्रेस शासन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले पर चुप रहने का आरोप लगाया।
ईश्वरप्पा ने कहा, "सिद्धारमैया के कार्यकाल में 23 भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य की हत्या कर दी गई थी। कुमारस्वामी चुप क्यों थे? हर्ष की हत्या हुई थी। वह चुप क्यों रहे? हम राज्य में हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ता की हत्या करने वालों के लिए 'गुंडा' शब्द का इस्तेमाल किया जो मुस्लिम समुदाय के लोगों के संदर्भित नहीं था।
उन्होंने कहा, "मैं सभी मुसलमानों के लिए 'गुंडे' शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहा हूं। मैं इस शब्द का इस्तेमाल केवल उन मुसलमानों के लिए कर रहा हूं जिन्होंने हत्या की है।"
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