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स्कूल से निकल सीधे ITI में लेंगे ट्रेनिंग, बिहार के 25 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ

  • बिहार देश का पहला राज्य होगा, जहां इस तरह की पहल की गई है। अन्य राज्यों में दूसरे तरह की व्यावसायिक शिक्षा का स्कूली कक्षाओं में पढ़ाने का प्रावधान है, लेकिन इस तरह आईटीआई से संबद्ध कर सप्ताह में एक दिन बच्चों को सीधे आईटीआई में प्रशिक्षण देने भेजने की व्यवस्था नहीं है।

Nishant Nandan हिन्दुस्तान, पंकज कुमार सिंहWed, 26 Feb 2025 05:48 AM
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स्कूल से निकल सीधे ITI में लेंगे ट्रेनिंग, बिहार के 25 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ

बिहार के स्कूली शिक्षा में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से बड़ा बदलाव दिखेगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौवीं और 11वीं कक्षा के लगभग 25 लाख छात्र-छात्राओं को रोजगार संबंधी कोर्सों का प्रशिक्षण मिलेगा। हर शनिवार को ये बच्चे अपने स्कूल के बदले सीधे नजदीकी आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) जाएंगे। बच्चे यहां अपनी इच्छानुसार फीटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिकल समेत बीएसडीएम से डिजाइन विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण ले सकेंगे। संबंधित शार्ट टर्म कोर्स में थ्योरी के साथ ही इन्हें यहां प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र से इसकी शुरुआत अप्रैल से होगी।

इसके लिए शिक्षा विभाग और श्रम संसाधन विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। आईटीआई में बच्चों को प्रशिक्षण दिलाने का मुख्य उद्देश्य है कि भविष्य में इन्हें रोजगार पाने में आसानी हो। आईटीआई में प्रशिक्षण दिलाने के लिए सरकारी हाईस्कूलों को निकट के सरकारी आईटीआई से संबद्ध (टैग) किया गया है। हालांकि सभी निजी आईटीआई से हाईस्कूलों को संबद्ध नहीं किया जाएगा, बल्कि आधारभूत संरचना और संस्थान में प्रशिक्षकों की संख्या के आधार पर मिले अच्छे ग्रेड वाले निजी संस्थान संबद्ध होंगे।

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टैग वाले आईटीआई में ही संबंधित स्कूल के बच्चे जाएंगे। आईटीआई में एक और दो वर्ष के मूल प्रशिक्षण कोर्स की जगह स्कूली बच्चों को शार्ट टर्म डिजाइन किए गए कोर्स का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। बिहार कौशल विकास मिशन (बीएसडीएम) कोर्स डिजाइन कर रहा है। उद्योगों की आवश्यकतानुसार अधिक रोजगार दिलाने वाले कोर्स की प्राथमिकता होगी।

बिहार देश का पहला राज्य होगा, जहां इस तरह की पहल की गई है। अन्य राज्यों में दूसरे तरह की व्यावसायिक शिक्षा का स्कूली कक्षाओं में पढ़ाने का प्रावधान है, लेकिन इस तरह आईटीआई से संबद्ध कर सप्ताह में एक दिन बच्चों को सीधे आईटीआई में प्रशिक्षण देने भेजने की व्यवस्था नहीं है।

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श्रम संसाधन विभाग के सचिव, दीपक आनंद ने कहा कि राज्य में कक्षा नौवीं और 11वीं के बच्चों को आईटीआई में हर शनिवार को प्रशिक्षण मिलेगा। इन बच्चों को फीटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिक आदि के लिए डिजाइन शार्ट टर्म का कोर्स का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे बच्चों में स्कूली स्तर से ही रोजगारपरक शिक्षा के प्रति रूचि बढ़ेगी। इससे आगे रोजगार मिलने में आसानी होगी।

अतिथि अनुदेशक रखने की छूट मिलेगी

राज्य में वर्तमान में 151 सरकारी आईटीआई हैं। निजी आईटीआई की संख्या 1285 है, लेकिन इनमें लगभग 700 से 800 आईटीआई ही अच्छे ग्रेड वाले हैं, जिससे स्कूल को संबद्व किया जा सकता है। श्रम संसाधन विभाग सभी आईटीआई के प्राचार्य को जल्द ही गाइडलाइन जारी कर देगा। आईटीआई में प्रशिक्षण लेने वालों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए रणनीति बन रही है।

आईटीआई में अनुदेशक की कमी होने की स्थिति में अतिथि अनुदेशक रखने की भी संस्थान को छूट मिलेगी। स्कूली बच्चों को आईटीआई में प्रशिक्षण दिलाने के बदले शिक्षा विभाग द्वारा श्रम संसाधन विभाग को बच्चों के हिसाब से राशि का भी भुगतान होगा। शिक्षा विभाग से मिली राशि इस राशि का उपयोग संबंधित आईटीआई के विकास कार्य में होगा।

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