ऑटोमोबाइल सेक्टर में 2 करोड़ रोजगार पैदा होंगे, इलेक्ट्रिक व्हीकल और हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी से मिलेगी मदद
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन कार्यरत ऑटोमोटटव स्किल्स डेवलपमेंट काउंससल (ASDC) का वार्षिक कॉन्कक्लेव 2023 दिल्ली में आयोजित हुआ। इवेंट में पूर्व फाडा प्रेसिडेंट भी शामिल रहे।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन कार्यरत ऑटोमोटटव स्किल्स डेवलपमेंट काउंससल (ASDC) का वार्षिक कॉन्कक्लेव 2023 दिल्ली में आयोजित हुआ। "स्किलिंग - द फ्यूचर टुगेदर" थीम पर आयोजजत इस कॉन्क्लेव में ऑटोमोटिव इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट, सीईओ, पॉसली मेक्स और सीनियर ऑफिसर समेत करीब 500 लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि एनएसडीसी के सीईओ वेद मणि तिवारी शामिल हुए। इवेंट में पूर्व फाडा प्रेसिडेंट विंकेश गुलाटी भी शामिल रहे।
एनएसडीसी के सीईओ वेद मणि ने ऑटोमोटिव सेक्टर में कौशल विकास के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने भविष्य के लिए कार्यबल तैयार करने के लिए एक क्रेडिट-आधारित शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल देते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और अन्य तकनीकी प्रगति की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे और वित्तीय सहायता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
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एएसडीसी के प्रेसिडेंट विनोद अग्रवाल ने एएसडीसी के वार्षिक रिपोट पेश की और लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में ऑटोमोबाइल क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान है और वर्तमान में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर इस क्षेत्र में करीब 20 मिलियन (2 करोड़) रोजगार के अवसर से जुड़े हुए है। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहन जैसे उभरती तकनीक की वजह से इसमें पर्याप्त अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा वक एएसडीसी एक परिपक्व संगठन के रूप में विकसित हुआ है। हाल ही में एएसडीसी ने न्यू टेक्नोलॉजी आधारित 13 नए पाठ्यक्रम शामिल किए हैं।
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एएसडीसी के सीईओ अरिंदम लाहिड़ी ने कहा कि इस वर्ष के कॉन्क्लेव में राज्य-स्तरीय कौशल विकास के लिए किए जा रही पर चर्चा की जा रही है। उनके मॉडल को समझा जा रहा है। ताकि एमएसएमई स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तलाशे जा सकें। एएसडीसी के वार्षिक कॉन्क्लेव में आयोजित पैनल चर्चा में डिजिटलाइजेशन और नई तकनीक को अपनाने के साथ मजबूत नेतृत्व और सही कौशल की जरूरत पर जोर दिया। एएसडीसी के वार्षिक कॉन्क्लेव 2023 ने भारत के ऑटोमोटिव उद्योग में कौशल विकास को आगे बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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