बिना किसी बड़ी घटना के संपन्न हुआ महाकुंभ, अंतिम स्नान पर्व पर बोले यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार
महाशिवरात्रि के साथ ही महाकुंभ का समापन हुआ। इस मौके पर यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने महाकुंभ मेले में पुलिस के सहयोग और कार्यों की जमकर तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि बिना किसी बड़ी घटना के हमने महाकुंभ संपन्न कराया।

महाशिवरात्रि के साथ ही महाकुंभ का समापन हुआ। अंतिम दिन लगभग 1.18 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। वहीं, 45 दिनों में स्नानार्थियों का आंकड़ा 66 करोड़ पार हो गया। इस बीच लोगों की सुरक्षा में यूपी पुलिस मेला स्थल पर तैनात रही। यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने महाकुंभ मेले में पुलिस के सहयोग और कार्यों की जमकर तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि बिना किसी बड़ी घटना के हमने महाकुंभ संपन्न कराया।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि बुधवार को महाकुंभ के समापन के मौके पर कहा कि इस मेले में पुलिस ने भीड़ प्रबंधन और सरक्षा में एआई समेत कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर विश्व स्तरीय मॉडल पेश किया है। ऐसा मॉडल पूरे विश्व में अभी तक नहीं देखा गया है। महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की है। 45 दिन चले महाकुंभ में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है।
डीजीपी ने आगे कहा कि प्रयागराज में स्नान करने के बाद लाखों श्रद्धालु अयोध्या, वाराणसी और विंध्यवासिनी देवी जैसे धार्मिक स्थलों पर भी पहुंचे। यहां भी उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे। हम लोगों ने बिना किसी बड़ी घटना के महाकुंभ संपन्न करवाया। रेलवे पुलिस और आरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर काम किया गया। मुख्य स्नान पर हर दिन पांच लाख और अन्य दिनों में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ट्रेन से यात्रा की।
चुनौती नहीं अवसर था महाकुंभ
डीजीपी ने महाकुंभ को चुनौती नहीं बल्कि अवसर बताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए मेले के दौरान सुरक्षा चुनौती नहीं बल्कि एक अवसर था। यूपी पुलिस ने अनुकरणीय प्रदर्शन किया, जिसे आने वाले समय में याद रखा जाएगा। यूपी पुलिस 45 दिनों तक मैदान में सक्रिय रही। इससे पहले दो महीने तक अफसरों व कर्मचारियों को कई तरह की ट्रेनिंग दी गई कि किस तरह से श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करना है। इसका परिणाम ही रहा कि बिना शस्त्र का इस्तेमाल किए 45 दिन तक सुरक्षा की जाती रही और सफलतापूर्वक सब कुछ संपन्न हुआ। डीजीपी ने कहा कि यूपी पुलिस ने कई ऐसे उदाहरण स्थापित किए हैं जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे। जो प्रयागराज आ चुके हैं उनके स्नान करने और गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है।
महाकुंभ में अभी बनी रहेगी सुरक्षा
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्थाएं कुछ और दिनों तक बनी रहेंगी। अंतिम श्रद्धालु को भी सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना पुलिस की जिम्मेदारी है। महाकुंभ गौरव और व्यक्तिगत रूप से न भूलने वाली बात है।