यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर एफआईआर नहीं होगी, ऐसे होगा ऐक्शन
- यूपी बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े जाने के बावजूद छात्र-छात्राओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को मंगलवार को इस संबंध में स्पष्टीकरण भेजा है।
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UP Board Exam: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े जाने के बावजूद छात्र-छात्राओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को मंगलवार को इस संबंध में स्पष्टीकरण भेजा है। लिखा है कि बोर्ड परीक्षाओं को शुचितापूर्ण और नकलविहीन कराने के लिए शासन दृढ़संकल्पित है तथा सार्वजनिक परीक्षाओं को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने वाले दोषियों के विरूद्ध निर्णायक एवं कठोर कार्यवाही के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 को 15 जुलाई 2024 से लागू किया गया है।
इस संबंध बोर्ड की 17 जनवरी 2025 की विज्ञप्ति एवं 10 फरवरी के आदेश से यह स्पष्ट किया गया है कि इस अधिनियम के अनुशास्ति या दंड के प्राविधान परीक्षार्थियों पर लागू नहीं हैं। लिहाजा पुन: स्मरण कराया जा रहा है कि नए एक्ट की प्रस्तावना में स्पष्ट है कि परीक्षार्थियों को उनके भविष्य के मद्देनजर आपराधिक दायित्व से मुक्त रखा जाएगा। साथ ही अधिनियम की धारा-तीन में स्पष्ट है कि ह्यइस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अधीन अनुशास्ति या दंड से संबंधित उपबंध उन परीक्षार्थियों पर लागू नहीं होंगे जो शैक्षणिक, तकनीकी, व्यावसायिक या अन्य योग्यता प्राप्त करने के लिए किसी सार्वजनिक परीक्षा सम्मिलित हो रहे हैं।
लेकिन यदि ऐसा परीक्षार्थी सार्वजनिक परीक्षा में किसी पेपर का उत्तर देने में अनुचित साधनों का उपयोग करता हुआ या लिप्त पाया जाता है तो ऐसी परीक्षा के संबंधित प्रश्नपत्र की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और ऐसे परीक्षार्थी का परीक्षा परिणाम परीक्षा प्राधिकारी पूर्व निर्धारित नियमों के तहत घोषित किया जाएगा। लिहाजा अनुचित साधनों का उपयोग करने या लिप्त पाए जाने पर परीक्षार्थी के संदर्भ में नियमानुसार कार्यवाही करें तथा परीक्षार्थी के अलावा व्यक्तियों पर अधिनियम के सुसंगत प्राविधानों के तहत निर्णायक एवं कठोर कार्रवाई कराई जाए।
कोशिशें हजार, नहीं लगा सके एआई का रडार
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की निगरानी के लिए तमाम कोशिशों के बावजूद एआई (आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल नहीं हो सका। परीक्षा के लिए निर्धारित 8140 केंद्रों की सीसीटीवी से एआई के माध्यम से निगरानी के लिए तीन बार टेंडर होने के बावजूद यह महत्वाकांक्षी प्रयोग परवान नहीं चढ़ सका। अंत में हारकर बोर्ड के अफसरों को पुरानी व्यवस्था के तहत कंट्रोल रूम से निगरानी की व्यवस्था लागू करनी पड़ी है।
एआई लगने के बाद यदि किसी भी केंद्र पर निर्धारित समय से पहले स्ट्रांग रूम का ताला खुलता या कोई अवांछित हरकत होती तो सीधे कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाता। इसके लिए प्रदेश सरकार की तरफ से 25 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित भी हो गई थी। इसी बजट से यूपी बोर्ड मुख्यालय में स्थायी आधुनिक कंट्रोल रूम बनाने की भी योजना थी। लेकिन, 2025 की बोर्ड परीक्षा में यह काम फंसा रह गया। अब बोर्ड मुख्यालय में तीन शिफ्ट में कर्मचारियों को लगाकर मंडलवार प्रत्येक परीक्षा केंद्र की निगरानी कराई जा रही है।
बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए टिप्स
-बोर्ड परीक्षा को अन्य परीक्षाओं की तरह ही समझें
-परीक्षा को पर्व की तरह समझें, घबराएं नहीं
-याद किए गए टॉपिक को बार-बार दोहराएं
-नई पाठ्य सामग्री को याद करने से बचें
-आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सैंपल पेपर को हल करें
-परीक्षा में अपना शत-प्रतिशत योगदान देने के बारे में सोचें ना कि नंबर के बारे में
-नींद भरपूर लें, पौष्टिक व हल्का आहार लें
-मोबाइल का उपयोग केवल डाउट क्लियर करने के लिए करें
-थोड़ा ध्यान एवं योग भी करें, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें
-बोर्ड मुख्यालय में कंट्रोल रूम के जरिए रखेंगे नजर
-सीसीटीवी कैमरे में एआई लगाने की योजना धरी रह गई
अभिभावकों के लिए टिप्स
-अपने घर का माहौल सकारात्मक रखें
-बच्चों को प्रोत्साहित करें और यह समझाएं यह केवल एक पड़ाव है
- बच्चे की क्षमताओं पर विश्वास रखें
-मित्रवत व्यवहार करें, खान-पान का ध्यान रखें
-हर समय पढ़ने के लिए दबाव न दें
- अपने बच्चों की तुलना अन्य बच्चों से करने से बचें
-विश्वास दिलाएं कि परिणाम चाहे जो आएगा, वे उनके साथ रहेंगे
-बच्चों की भावनाओं को
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