विधानसभा में सपा ने उठाया जाहिद बेग के खिलाफ प्रताड़ना का मुद्दा, कहा-गलत आरोपों में फंसाया गया
विधानसभा में सपा विधायक जाहिद बेग की गिरफ्तारी और रिहाई का मुद्दा उठाया गया। भदोही सदर से विधायक बेग की गिरफ्तारी को सपा सदस्यों ने झूठे सबूतों पर आधारित बताते हुए विरोध जताया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, फिर भी वह जिले से रिपोर्ट मंगवाकर जांच कराएंगे।
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विधानसभा में शुक्रवार को सपा के भदोही सदर से विधायक जाहिद बेग की गिरफ्तारी और उन्हें रिहा करने का मुद्दा उठाया गया। सपा सदस्यों ने उन्हें मिथ्या सबूतों के आधार पर गिरफ्तार करने की बात कही तो संसदीय कार्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मामला न्यायालय में है। फिर भी वह जिले से रिपोर्ट मंगवा कर जांच करेंगे। उन्होंने सपा सदस्यों के इन आरोपों का खंडन किया कि राज्य सरकार जाति विशेष के विधायकों को परेशान कर रही है।
सपा के डॉ. आरके वर्मा ने उठाया मुद्दा
शून्यकाल में प्रतापगढ़ के रानीगंज से विधायक डा. आरके वर्मा ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत मुद्दा उठाया कि सपा के सदस्य जाहिद बेग को पुलिस ने गलत ढंग से गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि वह इस मौजूदा उपवेशन के हिस्सा होते अगर पुलिस उन्हें प्रताड़ित कर गिरफ्तार न करती। श्री वर्मा ने कहा कि उनकी नौकरानी ने खुदकुशी कर ली थी। उनकी मां नूरजहां ने पुलिस से कहा कि विधायक का बेटी की खुदकुशी से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस को उन्होंने शपथपत्र दिए लेकिन कोई बात नहीं सुनी गई। बाद में उन्होंने न्यायालय में नूरजहां ने पुनः शपथपत्र दिया और कहा कि पुलिस सुन नहीं रही, तब न्यायालय ने मामले में पुनर्विवेचना के आदेश दिए।
डा. आरके वर्मा ने कहा कि न ही नूरजहां के 164 के तहत बयान दर्ज किए गए और न पुनर्विवेचना ही की गई। उन्होंने कहा कि कुछ इसी तरह पुलिस ने सपा के वरिष्ठ विधायक रहे आजम खां के साथ किया। वह नौ बार विधानसभा के सदस्य रहे एक बार लोकसभा सांसद और फिर राज्यसभा सांसद...लेकिन उनके खिलाफ भी तमाम मुकदमे बिना किसी साक्ष्य के दर्ज कराए गए। इसी तरह कानपुर के इरफान सोलंकी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
धर्मात्मा निषाद के खुदकुशी के मुद्दे पर नोक-झोंक
यही नहीं इसी तरह डा. वर्मा ने सरकार के एक मंत्री का नाम लेते हुए उन्हें और उनके बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एफआईआर में जानबूझ कर मंत्री का नाम नहीं दर्ज किया गया। इस पर सदन में मौजूद मंत्री और डा. आरके वर्मा में तीखी नोकझोंक हो गई। इस पर तुरंत ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया और मंत्री को शांत करते हुए सपा सदस्य डा. वर्मा द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकालने के आदेश दे दिए। तब कहीं मामला शांत हुआ।
रिपोर्ट मंगवा कर जांच करेंगे
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने डा. वर्मा के कथन पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि जहां तक जाहिद बेग की गिरफ्तारी का मामला है तो वह रिपोर्ट मंगवा कर देख लेंगे, जांच की जाएगी तभी सदन में कुछ कहेंगे। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय द्वारा की गई इस टिप्पणी पर सख्त ऐतराज जताया कि सरकार जाति विशेष के लोगों और विधायकों को परेशान कर रही है। सुरेश खन्ना ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का यह बयान उचित नहीं है। सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है और सरकार की ऐसी सोच कतई नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस बात का पुरजोर खण्डन करते हैं।