मैं रामजी का वंशज, मुझे राम मंदिर ट्रस्ट में रखो; वक्फ काउंसिल में गैर मुस्लिम पर भड़के इमरान मसूद
- वक्फ संशोधन विधेयक में 22 सदस्यों वाले सेंट्रल वक्फ काउंसिल में गैर मुस्लिम को सदस्य बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि वो रामजी के वंशज हैं, उनको भी राम मंदिर ट्रस्ट में रखा जाए।

कांग्रेस नेता और सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक में प्रस्तावित केंद्रीय वक्फ परिषद (सेंट्रल वक्फ काउंसिल) में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के प्रावधान पर भड़कते हुए कहा है कि वो रामजी के वंशज हैं, उनको राम मंदिर ट्रस्ट में रखा जाए। नरेंद्र मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह वक्त की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर विधेयक नहीं लाया जाता तो संसद भवन और दिल्ली एयरपोर्ट जैसे स्थान भी वक्फ की संपत्ति होती क्योंकि वक्फ बोर्ड ने उन पर दावा कर रखा है। विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे मुसलमानों के धार्मिक मसलों में कोई दखल जैसी बात हो।
किरेन रिजिजू ने बताया कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 सदस्य होंगे, जिनमें 10 सदस्य मुसलमान होंगे। इनमें अधिकतम 4 गैर मुस्लिम सदस्य होंगे, जिनमें 2 महिलाएं भी होंगी। वक्फ काउंसिल में सांसद, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, पूर्व नौकरशाह और वकील भी होंगे। सांसद किसी भी धर्म के हो सकते हैं। इसी मसले पर एक समाचार चैनल से बातचीत में इमरान मसूद ने गैर-मुस्लिम सदस्यों को वक्फ काउंसिल में रखने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई।
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इमरान मसूद ने पूछा कि हमारे साथ क्या दुश्मनी है कि आप हमें तबाह करने पर लग हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ की कमाई से यतीम और गरीब लोगों की मदद होती है। इमरान ने वक्फ काउंसिल में गैर-मुस्लिम पर कहा- “वक्फ के अंदर 22 मेंबर होंगे। 22 में 12 से अधिक नॉन मुस्लिम होंगे। वो क्या करेंगे। उन्हें वक्फ का पता है।” उन्होंने आगे कहा- “आप मुझे करा दीजिए ना राम मंदिर में। आप मुझे कराइए राम मंदिर ट्रस्ट के अंदर। मैं भी रामजी का वंशज हूं। कराइए मुझे भी आप। मैंने कहा कि मैं रामजी का वंशज हूं। बताओ मुझे नहीं हूं तो कैसे नहीं हूं। आप साबित कर दोगे मैं नहीं हूं। मैं साबित कर दूंगा कि हूं।”
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इमरान मसूद ने कहा कि सरकार कह रही है कि वक्फ लिखित में होगा। मरते वक्त कोई आदमी दो आदमी की मौजूदगी में वक्फ पढ़ता है तो आप उसे मानेंगे नहीं। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी का नाम लेकर कहा कि मुसलमान वोट की चाहत है तो साथ खड़े हो जाइए, वर्ना मुसलमान माफ नहीं करेगा। ये मुसलमान का सबसे अहम मसला है, इस से ज्यादा कोई अहम हो नहीं सकता मुसलमान के लिए।