दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। यह भूकंप दोपहर करीब 2:50 पर आया और दहशत के मारे कई इलाकों में लोग तुरंत घरों से निकल भागे।
भारतीय भूकंपविज्ञानियों के नेतृत्व में साल 2018 में एक स्टडी पूरी हुई। इसमें बताया गया कि उत्तराखंड से पश्चिमी नेपाल तक फैला मध्य हिमालय भविष्य में कभी भी जोरदार झटके से प्रभावित हो सकता है।
Earthquake in Delhi Ncr: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोग डर के घरों के बाहर निकल आए। एक सप्ताह में दूसरी बार झटके महसूस लगे। एक बार फिर नेपाल में केंद्र था।
केंद्र नेपाल में 10 किलोमीटर की गहराई में था। दिल्ली-एनसीआर में लोगों ने भूकंप के तेज झटके महसूस किए और अपने घरों से बाहर निकल आए। बीते एक महीने में यह तीसरी बार है, जब नेपाल में भूकंप के तेज झटके आए।
बीते सप्ताह अफगानिस्तान में भूकंप से भारी तबाही के बाद एक बार फिर से 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। सात अक्टूबर को आए भूकंप में दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली और एनसीआर समेत उत्तर भारत के बड़े इलाके में भूकंप आया है। भूकंप के ये झटके करीब 10 सेकेंड तक महसूस किए गए और इमारतें हिलती रहीं। फिलहाल यह जानकारी जुटाई जा रही है कि इसकी तीव्रता कितनी थी।
देश-दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के झटके लगातार महसूस किए गए। इसके बाद सभी जगहों पर लोग अपने घर से बाहर निकल आए और सुरक्षित जगहों की तरफ भागे। विभिन्न लोगों ने भूकंप के अपने अनुभव शेयर किए हैं।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के बड़े इलाके में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तेज झटके आए हैं। कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भी भूकंप।
हुगरबीट्स ने कहा, 'भूकंपीय गतिविधियों का अध्ययन करने के बाद मुझे लगा कि तुर्की-सीरिया के आसपास के इलाके में जोरदार झटके आ सकते हैं। इसलिए मैंने लोगों को पहले ही आगाह कर देना सही समझा।'
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा अलग-अलग तीव्रता के भूकंपों के हिलाज से संवेदनशील है। कुल 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहर व कस्बे जोन-5 में आते हैं।