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OBC राजनीति में बैकवर्ड नहीं रहेगी कांग्रेस, अब कर्नाटक में बड़ा फैसला; निकायों में 33 फीसदी आरक्षण मंजूर

कांग्रेस ने अगले सप्ताह कार्यसमिति की बैठक भी बुलाई है। इसमें ओबीसी आरक्षण पर विचार हो सकता है। इसके अलावा कर्नाटक में हुए जातीय सर्वे की रिपोर्ट को जारी करने का भी फैसला हो सकता है

Surya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीFri, 6 Oct 2023 09:40 AM
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OBC राजनीति में बैकवर्ड नहीं रहेगी कांग्रेस, अब कर्नाटक में बड़ा फैसला; निकायों में 33 फीसदी आरक्षण मंजूर

बिहार में हुए जातीय सर्वे का असर अब देश भर की राजनीति पर दिखने लगा है। कांग्रेस ने भी इस मामले में कदम आगे बढ़ाते हुए पूरे देश में जातीय जनगणना कराने की मांग की है। यही नहीं खुद भी इस दिशा में पहल करते हुए कर्नाटक के स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी के लिए 33 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया है। उसने जस्टिस के. भक्तवत्सल कमिशन की सिफारिशों को मंजूर करते हुए यह फैसला लिया। राज्य सरकार ने आयोग की 5 में से तीन सिफारिशों को मान लिया है। कर्नाटक हाई कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में इस कमिशन का गठन पिछड़ों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर विचार करने के लिए किया गया था। 

आयोग ने बसवराज बोम्मई सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। कर्नाटक के कानून मंत्री एचके पाटिल ने कहा, 'भक्तवत्सल कमिशन ने 5 सिफारिशें दी थीं। कैबिनेट ने इनमें से तीन को मंजूर कर लिया है। इनमें से एक यह भी है कि स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए 33 फीसदी आरक्षण को बनाए रखा जाएगा। फिलहाल बैकवर्ड क्लास में भी ए और बी कैटिगरी है।' दोनों को मिलाकर ही 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी सीटों का आरक्षण 50 फीसदी की सीमा को पार नहीं कर पाएगा। 

बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने अगले सप्ताह कार्यसमिति की बैठक भी बुलाई है। इसमें ओबीसी आरक्षण पर विचार हो सकता है। इसके अलावा कर्नाटक में हुए जातीय सर्वे की रिपोर्ट को जारी करने का भी फैसला हो सकता है। इस मामले में कांग्रेस काफी आक्रामक है और वह मानकर चल रही है कि ओबीसी आरक्षण को बढ़ाने की मांग से फायदा मिल सकता है। भले ही बिहार और यूपी में वह सहयोगी दलों की पिछलग्गू है, लेकिन कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उसे फायदे की उम्मीद है। यही वजह है कि वह इस मामले में आक्रामक है। कार्यसमिति की बैठक में भी इसे लेकर अहम फैसला हो सकता है।