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अपराधियों को बढ़ावा, फांसी होनी चाहिए थी; आनंद मोहन की रिहाई पर बोलीं कृष्णैया की पत्नी

बाहुबली और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की रिहाई को लेकर तमाम लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है। इस बीच डीएम जी कृष्णैया की पत्नी का भी बयान आया है। उन्होंने आनंद मोहन की रिहाई पर निराशा जताई है।

Deepak लाइव हिंदुस्तान, हैदराबादTue, 25 April 2023 08:34 PM
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अपराधियों को बढ़ावा, फांसी होनी चाहिए थी; आनंद मोहन की रिहाई पर बोलीं कृष्णैया की पत्नी

बाहुबली और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की रिहाई को लेकर तमाम लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है। इस बीच डीएम जी कृष्णैया की पत्नी का भी बयान आया है। उन्होंने आनंद मोहन की रिहाई पर निराशा जताई है, साथ ही कहा है कि इस तरह के फैसलों से अपराधियों को बढ़ावा मिलेगा। कृष्णैया की पत्नी का कहना है कि आनंद मोहन को तो फांसी होनी चाहिए थी, तभी एक सही मिसाल कायम होती। बिहार सरकार द्वारा नियमों में परिवर्तन पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल देने की भी गुहार लगाई है।

अच्छा फैसला नहीं
जी कृष्णैया 1994 में गोपालगंज के डीएम थे, जब भीड़ ने उनकी हत्या कर दी थी। इस मामले में 15 साल की सजा काटने वाले आनंद मोहन सिंह की रिहाई का आदेश आ चुका है। जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ने इस फैसले पर निराशा जताई है। एनडीटीवी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा फैसला नहीं है। जब आनंद मोहन को उम्रकैद की सजा दी गई थी हम तब भी खुश नहीं थे। अब तो वह जेल से छोड़े जा रहे हैं और राजनीति में प्रवेश करेंगे। इस तरह के फैसलों से हम सहमत नहीं हैं। उमा ने कहा कि इससे अपराधियों का हौसला बढ़ेगा। इससे साफ संदेश मिल रहा है कि अपराध कीजिए, जेल जाइए और बाहर आकर राजनीति कीजिए। उन्होंने कहा कि आनंद मोहन को फांसी की सजा होनी चाहिए थी।

कहा-स्वार्थ से भरा कदम
उमा कृष्णैया यहीं नहीं रुकीं और आनंद मोहन को आजाद किए जाने को स्वार्थ से भरा कदम। उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक कदम है और इसे कोई भी पसंद नहीं करेगा। अब उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर उमा ने कहा कि वह जी कृष्णैया के बैचमेट्स व आईएएस एसोसिएशन से सलाह लेंगी। वहां पर इस बारे में चर्चा चल रही है। हफ्ते भर में इस पर फैसला करेंगी। वहीं, खुद की रिहाई पर आनंद मोहन सिंह ने कहा कि वह फिर से राजनीति में हिस्सा लेंगे। गौरतलब है कि आनंद मोहन सिंह को 2007 में लोअर कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। बाद में पटना हाई कोर्ट इसे उम्रकैद की सजा में तब्दील कर दिया था। वह बीते 15 साल से जेल में थे।

देश की सियासत में मचा है हंगामा
बता दें कि आनंद मोहन की रिहाई को लेकर देश की सियासत में भूचाल आया हुआ है। दलित डीएम की हत्या के दोषी रहे आनंद मोहन को जेल से छोड़ने पर मायावती समेत विभिन्न नेताओं ने तंज कसा है। वहीं, बिहार के सीएम नीतीश कुमार डिप्टी सीएम समेत आनंद मोहन के बेटे के सगाई में शामिल होने पहुंचे थे। माना जा रहा है कि अपने इस कदम से उन्होंने आलोचकों को स्पष्ट संदेश दिया है। बता दें कि आनंद मोहन बिहार सरकार द्वारा जेल मैनुअल 2012 में बदलाव किए जाने के बाद 26 अन्य कैदियों के साथ जेल से छोड़े जाएंगे।