आनंद मोहन बताने लगे कानून, रिहाई पर गुजरात की दिलाई याद; मायावती पर भी तंज
रिहाई के आदेश के बीच बेटे की शादी के लिए 15 दिनों के लिए पेरोल पर जेल से निकले आनंद मोहन सिंह कानून बता रहे हैं। उन्होंने इस मौके पर भाजपा और मायावती पर हमला तो वहीं नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की।

आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के दोषी पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने अपनी रिहाई के आदेश पर सवाल उठाने वालों पर हमला बोला है। यही नहीं मीडिया से बात करते हुए वह मंगलवार को कानून बताने लगे। बिहार सरकार ने उम्रकैद की सजा पाए आनंद मोहन सिंह की रिहाई के आदेश दिए हैं। हालांकि वह बीते 11 अप्रैल को ही बेटे की शादी में शामिल होने के लिए जेल से पेरोल पर बाहर आए थे। 15 दिनों के लिए पेरोल पर बाहर आए आनंद मोहन सिंह ने उलटे उन लोगों पर ही सवाल खड़े कर दिए, जो रिहाई के आदेश पर चिंता जता रहे हैं। आनंद मोहन सिंह ने कहा कि मेरी रिहाई के आदेश में किसी भी तरह के नियम का उल्लंघन नहीं हुआ है। आनंद मोहन ने कानून समझाते हुए बताया कि उम्रकैद का मतलब मरने तक जेल में रहना नहीं होता है बल्कि 20 साल की सजा होता है।
उन्होंने कहा कि इस केस में मैं पहले ही 15 साल जेल काट चुका हूं। फिर जेल के नियमों के तहत अच्छे व्यवहार के चलते रिहाई हो रही है। आनंद मोहन सिंह ने कहा कि जी. कृष्णैया की हत्या में सिर्फ दो परिवार बर्बाद हुए थे। उन्होंने कहा कि पूरे कांड में खुद कृष्णैया जी का परिवार तबाह हुआ और लवली आनंद का। उन्होंने कहा कि मुझे डीएम साहब की हत्या का दुख है। हालांकि आनंद मोहन सिंह ने यह भी कहा कि उनकी हत्या ड्यूटी पर नहीं हुई थी बल्कि सड़क पर हुई थी।
खुद की रिहाई के आदेश पर सवाल उठाने वालों पर भी वह भड़क गए और गुजरात का जिक्र करने लगे। आनंद मोहन सिंह ने कहा, 'कोई भी कहने के लिए कुछ भी कह सकता है। गुजरात में भी नीतीश कुमार और आरजेडी के दबाव में फैसला हुआ है? वहां माला डालकर कुछ लोग छोड़े गए हैं। आनंद मोहन सिंह ने कहा कि हजारों लोगों के साथ बैठकर हम आगे के बारे में सोचेंगे कि क्या करना है। बुरे वक्त के दोस्तों के साथ बैठेंगे।' आनंद मोहन सिंह ने कहा कि अभी तो हम मांगलिक कार्यक्रमों के लिए निकलें हैं, फिर जेल जाना है। बाद में पक्की रिहाई होगी तो निकलेंगे।
मायावती पर तंज कसा- सिर्फ कलावती का नाम सुना है
अपनी रिहाई के आदेश को लेकर मायावती के ऐतराज पर आनंद मोहन ने तंज कसते हुए कहा कि मैं नहीं जानता कि वे कौन हैं। आनंद मोहन ने कहा कि मैंने सत्यनारायण भगवान की कथा में कलावती का नाम सुना था, लेकिन मायावती का नहीं। इस मौके पर आनंद मोहन ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि वह तो मिशन पर जुटे हैं और विपक्ष को एक कर रहे हैं। देश में लोकतंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। व्यक्ति पूजा नहीं होनी चाहिए।