ईरान ने फिर शुरू किया मौत का खेल, पिछले साल 834 को लटकाया; अब पहले ही महीने 4 को दी फांसी
इस्लामिक देश ईरान में अन्य देशों की तुलना में फांसी की सजा काफी दी जाती है। पिछले साल ईरान में 834 लोगों को फांसी दी गई थी। साल के पहले ही महने ईरान में 4 लोगों को फांसी पर लटकाया गया है।
ईरान में एक बार फिर मौत का खेल शुरू कर दिया है। पिछले साल ईरान में 834 लोगों को फांसी पर लटकाया था। अब साल की शुरुआत में एक बार फिर ईरान में 4 लोगों को फांसी पर लटका दिया है। ईरान ने रक्षा मंत्रालय से जुड़ी एक फैक्टरी को निशाना बनाने का षड्यंत्र रचने और इजराइल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' के लिए काम करने के दोषी चार लोगों को सोमवार को मौत की सजा दी।
रिपोर्ट्स की मानें तो ईरान ने इन लोगों को 2022 में ईरान के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी और इस्फहान शहर में मिसाइल और रक्षा उपकरणों से संबंधित एक फैक्ट्री को निशाना बनाने का षड्यंत्र रचने का दोषी ठहराया गया था। इन चारों की पहचान मोहम्मद फरामरजी, मोहसिन मजलूम, वफा अजरबार और पेजमान फतेही के रूप में की गई है। ये चारों ईरानी नागरिक हैं। देश के उच्चतम न्यायालय ने सितंबर में एक अन्य अदालत द्वारा उन्हें सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा था, जिसके बाद उन्हें मृत्युदंड दिया गया।
ईरान ने कहा कि उसके खुफिया कर्मियों ने 2022 में मोसाद से जुड़े एक ऐसे समूह को नष्ट किया, जिसने ईरान के भीतर आतंकवादी गतिविधियों की कथित रूप से साजिश रची थी। उसने कहा कि इस समूह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था और बड़ी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक जब्त किए गए थे। ईरान मोसाद और अन्य पश्चिमी खुफिया सेवाओं के लिए जासूसी करने के मामले में अपने नागरिकों की गिरफ्तारी, उनके खिलाफ मुकदमे और उन्हें मौत की सजा दिए जाने की जानकारी देता रहता है।
ईरान और इजराइल एक-दूसरे पर जासूसी करने और छद्म युद्ध छेड़ने का आरोप लगाते रहे हैं। इजराइल ईरान को अपने लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई करने की धमकी देता रहा है। ईरान इस प्रकार के हथियार हासिल करने की कोशिश करने के दावों को खारिज करता आया है।
पिछले साल 834 लोगों को दी गई फांसी
एमनेस्टी के अनुसार, ईरान में फांसी की सजा में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। 2023 में कम से कम 834 लोगों को फांसी दी गई। ईरान उन कुछ देशों में से एक है जो बच्चों को भी मौत की सजा देता है। खास बात यह भी है कि किसी भी अन्य देश की तुलना में ईरान में अधिक नाबालिगों को फांसी की सजा दी जाती है। एक आंकड़े के अनुसार, 2010 से अब तक ईरान में कम से कम 68 नाबालिगों को फांसी दी गई है।
ईरान में बढ़ रही फांसी देने की रफ्तार
ईरान में 18 साल की उम्र में ड्राइविंग लाइसेंस दी जाती है, मगर फांसी देने के लिए वहां 15 साल की आयु मुकर्रर की गई है। बीते गुरुवार को ईरान में 20 साल के एक युवक को फांसी दे दी गई। इस्लामिक देश ईरान में 2022 में कम से कम 582 लोगों को फांसी दी गई, यह 2015 के बाद से देश में सबसे ज्यादा फांसी की सजा थी। 2021 में ईरान में 333 लोगों को फांसी की सजा दी गई। 2023 के नवंबर तक ईरान में 685 लोगों को फांसी के जरिए मौत दी जा चुकी है, जो अपने आप में ही एक रिकॉर्ड था।
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