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विदेशी मीडिया में छाया दिल्ली की यमुना नदी का 'सफेद झाग', कब तक सुधरेंगे हालात?

छठ पर्व के दिन दिल्ली की यमुना नदी के सफेद झाग को पूरी दुनिया ने देखा। दुनियाभर के लोगों ने देखा कि प्रदूषण की इंतेहा पार करते हुए यमुना नदी का पानी जहरीला हो चुका है। यही नहीं विदेशी मीडिया ने...

Gaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीFri, 12 Nov 2021 08:55 PM
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विदेशी मीडिया में छाया दिल्ली की यमुना नदी का 'सफेद झाग', कब तक सुधरेंगे हालात?

छठ पर्व के दिन दिल्ली की यमुना नदी के सफेद झाग को पूरी दुनिया ने देखा। दुनियाभर के लोगों ने देखा कि प्रदूषण की इंतेहा पार करते हुए यमुना नदी का पानी जहरीला हो चुका है। यही नहीं विदेशी मीडिया ने दिल्ली की यमुना नदी के जहरीले पानी पर भारत को खरी-खरी सुनाई। हालांकि यमुना नदी के जहरीले पानी से सबक लेते हुए दिल्ली सरकार ने प्रभावी कदम उठाने की बात कही है। 

दिवाली के बाद हर वर्ष दिल्ली में प्रदूषण बढ़ जाता है। पटाखों और पराली के धुंए की कोर कसर दिल्ली में चल रही फैक्ट्रियों ने पूरी कर दी है। दिल्ली की आबो-हवा कितनी प्रदूषित हो चुकी है, इसका जीता जागता उदाहरण देश की पवित्र नदियों में से एक यमुना नदी है। प्रदूषण के कारण यमुना नदी में टॉक्सिन की मात्रा इतनी ज्यादा हो चुकी है कि नदी पर बर्फ जैसे दिख रही एक मोटी चादर चढ़ चुकी है।

छठ पर्व के दिन महिलाएं यमुना नदी पर झाग के ऊपर सूर्य की पूजा करती नजर आई। ये नजारा सिर्फ भारत ही नहीं विदेशी मीडिया ने भी देखा। कई विदेशी मीडिया घरानों ने यमुना नदी के जहरीले पानी को कवर किया। 

अल जजीरा न्यूज ने लिखा, "भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक यमुना नदी पर बर्फ जैसे दिख रही एक सफेद मोटी चादर लिपट गई है। ये बर्फ तो नहीं है। फैक्ट्रियों द्वारा डाले जा रहे जहरीले पानी के कारण यमुना नदी प्रदूषित हो चुकी है। नदी के पानी पर टॉक्सिन की मोटी चादर लिपट गई है, जो बर्फ जैसी दिख रही है। "

अखबार आगे लिखता है, "यमुना नदी दिल्ली की आधी आबादी को पीने का पानी मुहैया कराता है। ऐसे में दिल्ली के लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली भारत की राजधानी के साथ बड़ी आबादी वाला शहर है।"

अलजजीरा के मुताबिक, लोगों ने बातचीत में कहा कि उन्हें यमुना नदी के जहरीले पानी का डर नहीं है। अगर वे डरेंगे तो पूजा कैसे कर पाएंगे?

न्यूयार्क टाइम्स ने भी दिल्ली में यमुना नदी के प्रदूषण पर चिंता जाहिर की। न्यूयार्क टाइम्स  लिखता है, "जहरीले पानी के बावजूद लोग यमुना नदी पर उतरे और सूर्य भगवान की पूजा के लिए दिनभर उस पानी के ऊपर खड़े रहे। इतना ही नहीं इस बीच सरकार की ओर से प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से अपने बच्चों को पानी के अंदर न उतरने की सलाह दे रहे थे। " 

न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, "उत्तर भारतीयों के लिए यमुना नदी का बड़ा महत्व है। यमुना नदी भारत की पवित्र नदियों में से एक है। लेकिन फैक्ट्रियों से निकल रहे गंदे और केमिकल के कारण यमुना नदी में पानी जहरीला हो गया है। पानी में टॉक्सिन की मात्रा काफी बढ़ गई है। यमुना नदी का पानी लोगों के नहाने और पीने के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।"

उधर, यमुना नदी पर बढ़ रहे प्रदूषण के कारण दिल्ली सरकार ने एक माह के अंदर नदी के पानी को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया है। जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को अगले एक महीने के भीतर उन प्वाइंट्स को चिन्हित करने का निर्देश दिया है, जहां सीवर लाइन और स्टॉर्म वाटर ड्रेन्स मिलतीं हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि अभी जारी 200 किमी के ट्रंक सीवर लाइन के काम को जून 2022 से पहले (मॉनसून शुरू होने से पहले) पूरा किया जाए। 

यही नहीं दिल्ली जल बोर्ड और उपभोक्ता के बीच में अब कोई बिचौलिया नहीं होगा। सीवर एरिया की सभी कॉलोनियों को जून-2022 तक सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा और किसी को भी वेस्ट वाटर को ड्रेन्स या यमुना नदी में बहाने की अनुमति नहीं होगी।
 

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