गिरफ्तारी वारंट के बीच नेतन्याहू की ऐसी क्या मजबूरी? इस यूरोपीय देश की करेंगे यात्रा
- गाजा में नरसंहार के आरोपों के बाद आईसीसी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस बीच वो यूरोपीय देश हंगरी का दौरा करने वाले हैं।

गाजा में निर्दोष लोगों की कत्लेआम के बाद अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके बावजूद नेतन्याहू इस हफ्ते यूरोपीय देश हंगरी की यात्रा पर जाएंगे। उनके कार्यालय ने रविवार को इस बात की पुष्टि की। गाजा में कथित युद्ध अपराधों को लेकर जारी गिरफ्तारी वारंट के बीच नेतन्याहू का यह खुली चुनौती माना जा रहा है।
नेतन्याहू की यह यात्रा बुधवार से शुरू होकर रविवार तक चलेगी, जिसमें नेतन्याहू हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान से मुलाकात करेंगे। ओर्बान ने नवंबर में उन्हें आमंत्रित किया था, उसी समय जब आईसीसी ने नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस समय ओर्बान ने साफ कर दिया था कि हंगरी इस वारंट का पालन नहीं करेगा।
हालांकि, हंगरी यूरोपीय संघ (ईयू) का सदस्य है और सभी ईयू देशों की तरह वह आईसीसी का सदस्य भी है, जिसका अर्थ है कि उसे इस वारंट को लागू करना चाहिए। लेकिन ओर्बान, जो अपने दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी रुख के लिए जाने जाते हैं, अक्सर ईयू के लोकतांत्रिक मानकों और मानवाधिकार नीतियों से टकराव की स्थिति में रहे हैं।
इस यात्रा पर हंगरी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यह नेतन्याहू की दूसरी अंतरराष्ट्रीय यात्रा होगी जब से आईसीसी ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इससे पहले फरवरी में उन्होंने अमेरिका की यात्रा कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इजरायल ने आईसीसी द्वारा नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ जारी किए गए वारंट को "झूठा और बेतुका" करार दिया है। वहीं, आईसीसी ने हमास नेता इब्राहिम अल-मसरी के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
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