चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियों पर ED का शिकंजा, Vivo के खिलाफ फाइल की गई चार्जशीट
ब्लैक मनी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुराने मामले में इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की ओर से जरूरी कदम उठाया गया है। ED ने वीवो, लावा और अन्य कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है।

बीते दिनों कई चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियों और टेक कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे और अब इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की ओर से जरूरी कदम उठाया गया है। ED ने वीवो, लावा और अन्य कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है। यह चार्जशीट प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत फाइल की गई है।
मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि फेडरल एजेंसी ने वीवो पर साल 2014 से साल 2021 के बीच 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम शेल कंपनियों के चलते ट्रांसफर की है। कुछ ऐसे ही आरोप बाकी कंपनियों पर भी लगे हैं और लावा इंटरनेशनल मोबाइल कंपनी के MD हरि ओम राय समेत 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
गलत तरीके से ब्लैक मनी का लेन-देन
ED ने रिमांड पेपर्स में नई दिल्ली के स्थानीय कोर्ट में दावा किया है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों के चलते जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे देश की अखंडता को नुकसान पहुंचा रहे थे और ब्लैक मनी से जुड़े लेनदेन का हिस्सा थे। ED की ओर से पिछले साल जुलाई में वीवो इंडिया और इससे जुड़े लोगों पर छापेमारी करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का खुलासा किया गया था।
इतनी रकम की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ED ने आरोप लगाया है कि वीवो इंडिया ने भारत में टैक्स का भुगतान करने से बचने के लिए पूरे 62,476 करोड़ रुपये को गलत तरीके से चीन भेजा। सामने आया है कि कई अन्य टेक ब्रैंड्स ने भी इसी तरह बड़ी रकम ट्रांसफर की है। हालांकि, कंपनियां शुरू से ही इन आरोपों को नकारती रही हैं और उनका कहना है कि उनकी ओर से किसी तरह के कानून या नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया।
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