घरेलू मैदान पर लखनऊ सुपर जायंट्स को पंजाब किंग्स ने पटका, कप्तान ऋषभ पंत ने हार के कारण गिनाए
- लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत का मानना है कि पंजाब किंग्स के खिलाफ टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिली है और जिसके कारण टीम ने 20-25 रन कम बनाए।

लखनऊ सुपर जाइंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स के खिलाफ आठ विकेट की करारी हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम ने पर्याप्त रन नहीं बनाए। पंत का मानना है कि उनकी टीम अभी भी अपने घरेलू मैदान की परिस्थितियों का आकलन कर रही हैं। कप्तान ने कहा है कि शुरुआती झटकों से टीम उबर नहीं सकी। पंजाब किंग्स ने मंगलवार को लखनऊ सुपर जायंट्स को आठ विकेट से मात दी।
लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह काफी नहीं था, हम 20-25 रन पीछे रह गए। यह खेल का एक हिस्सा है - हमारा पहला घरेलू मैच था इसलिए अब भी परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं।’’
सुपर जाइंट्स के कप्तान ने स्वीकार किया कि खराब शुरुआत का असर उनके कुल स्कोर पर पड़ा। पंत ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से। जब आप शुरुआती विकेट खो देते हैं तो यह हमेशा मुश्किल होता है (बड़ा स्कोर बनाना)। आप हर चीज को नियंत्रित नहीं कर सकते लेकिन प्रत्येक खिलाड़ी मैच को आगे ले जाने की कोशिश कर रहा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा विचार धीमा विकेट पाने का था क्योंकि हमें लगा कि यह घरेलू मैच है, गेंद थोड़ा रुककर आएगी। हमने काफी अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। हम इससे सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे। निश्चित रूप से बहुत सारी सकारात्मक चीजें हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत में अब भी टीम को बहुत सी चीजों का पता लगाना है और उम्मीद है कि यह हमारे लिए अच्छा होगा।’’
लखनऊ सुपर जाइंट्स के 172 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स ने प्रभसिमरन सिंह की 34 गेंद में 69 रन की पारी और कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ उनकी दूसरे विकेट की 84 रन की साझेदारी की बदौलत 16.2 ओवर में दो विकेट पर 177 रन बनाकर जीत हासिल की। अय्यर ने निहाल वढेरा नाबाद 43 के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।
सुपर जाइंट्स ने इससे पहले निकोलस पूरन के 44 और आयुष बडोनी के 41 रन की बदौलत सात विकेट पर 171 रन बनाए। बडोनी ने डेथ ओवरों में अब्दुल समद (27) के साथ छठे विकेट के लिए सिर्फ 21 गेंद में 47 रन जोड़कर टीम का स्कोर 170 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।