ममता सरकार को बड़ा झटका, कलकत्ता हाई कोर्ट ने रद्द किए 2010 के बाद जारी 5 लाख OBC सर्टिफिकेट
West Bengal News: कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया है। उसके कार्यकाल में जारी 5 लाख OBC सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है। माना जा रहा है कि इसमें बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय का भी

OBC Certificate Cancelled: कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया है। उसके कार्यकाल में जारी करीब पांच लाख ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है। माना जा रहा है कि इस संख्या में एक बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय का भी है। बुधवार को जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस राजशेखर मंथर की खंडपीठ ने कहा कि 2011 से किसी मानक नियम का पालन किए बिना ही राज्य में ओबीसी सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं।
पीठ ने टिप्पणी की कि इस तरह ओबीसी प्रमाण पत्र जारी करना असंवैधानिक है। कोर्ट ने कहा कि ये प्रमाण पत्र पिछड़ा वर्ग आयोग की सलाह माने बिना जारी किए गए हैं, इसलिए उन सभी प्रमाण पत्रों को रद्द किया जाता है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इस कालखंड के दौरान जारी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाने वालों की नौकरी बरकरार रहेगी।
मई 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यह दावा करती रही हैं कि उनकी सरकार ने लगभग सभी मुसलमानों को ओबीसी की श्रेणी में ला दिया है और मुस्लिम समुदाय की बड़ी आबादी इस आरक्षण का लाभ उठा रही है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने बार-बार इसे दोहराया है लेकिन अब कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा है कि ममता बनर्जी सरकार ने 2011 के बाद से जिस प्रक्रिया के तहत ओबीसी सर्टिफिकेट जारी किए हैं, वह अवैध था।
हाई कोर्ट ने कहा कि ओबीसी की सूची पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 1993 के अनुसार ही तैयार की जानी चाहिए। सूची में केवल उन्हीं जातियों को शामिल किया जा सकता है जो 2010 तक ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखते थे। कोर्ट ने कहा कि इसके बाद सूची में जोड़ी गई जातियों को पहले विधानसभा में पारित कराया जाना चाहिए।
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