हमें अपनी संस्कृति को संजोने की जरूरतः प्रो. ओपीएस नेगी
हल्द्वानी में भारतीय भाषा उत्सव के दौरान, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी ने भारतीय संस्कृति की भाषा के प्रति बढ़ती दूरी पर चिंता जताई। कार्यक्रम में प्रो. देवसिंह पोखरिया ने...

हल्द्वानी,वरिष्ठ संवाददाता। भारतीय भाषा उत्सव के तहत उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी ने कहा कि भारतीय संस्कृति का अपना महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन आज हम अपनी भाषा से दूर हो रहे हैं, जो कि चिंताजनक है। यूओयू के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के हिन्दी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. देवसिंह पोखरिया ने भाषा, बोली के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा और बोली में अंतर नहीं है, देखा जाए तो दोनों एक ही हैं। दूसरे सत्र में संगीत संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें कुमाउनी कलाकार संदीप सोनू आदि ने गीत प्रस्तुत किए। संयोजक प्रो. रेनू प्रकाश ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मौके पर अकादमिक निदेशक प्रो. पीडी पंत, समन्वयक डॉ. अनिल कार्की, सचिव डॉ. नागेन्द्र गंगोला, प्रो. गिरजा पाण्डे, प्रो. राकेश रयाल, नेपाली भाषा के समन्वयक डॉ. राजेन्द्र क्वीरा, डॉ. प्रभाकर पुरोहित, डॉ. प्रमोद जोशी, डॉ. राजेन्द्र कैड़ा, वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन रौतेला आदि मौजूद रहे।
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