एनस्थिसिया की विभागाध्यक्ष रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज से अटैच
कार्रवाई::::::::: - एनस्थिसिया विभाग में तैनात परेशान 7 डाक्टरों ने लिखा था प्राचार्य को पत्र

हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया है। 26 अक्तूबर को विभाग में तैनात 5 असिस्टेंट प्रोफेसर और 2 सीनियर रेजिडेंट ने विभाग के भीतर के माहौल को गंभीर बताते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखा था। इसके करीब डेढ़ माह बाद शासन ने मामले में उक्त आदेश जारी किया है। एसटीएच में अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं कि एनेस्थीसिया समय पर नहीं मिलने के कारण मरीज का ऑपरेशन टालना पड़ा। इसके चलते सर्जरी, ईएनटी, न्यूरोसर्जरी आदि विभाग के डॉक्टरों का एनेस्थीसिया विभाग में तैनात डॉक्टरों से विवाद भी होता रहा है। मामला कई बार प्राचार्य तक भी पहुंचा। 26 अक्तूबर को एनेस्थीसिया विभाग में तैनात 5 असिस्टेंट प्रोफेसर और 2 सीनियर रेजिडेंट ने विभाग के भीतर काम करने के लिए उचित परिस्थितियां नहीं होने की बात कहते हुए इस संबंध में प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी को पत्र लिखकर मदद मांगी। करीब डेढ़ माह गुजरने के बाद 10 दिसंबर को शासन ने विभागाध्यक्ष डॉ. गीता भंडारी को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज संबद्ध कर दिया है। उनकी जगह विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी विभाग में तैनात डॉ. एके सिन्हा को दी गई है।
शासन ने 10 दिसंबर को एनेस्थिसिया विभाग की विभागाध्यक्ष को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में संबद्ध करने के आदेश जारी किए हैं। शासन के आदेश को लागू कराते हुए विभाग के ही सीनियर डॉक्टर को एनेस्थिसिया विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई है।
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
शासन स्तर पर चल रही जांच
एनेस्थिसिया विभाग में काम को लेकर कई सारी अनियमतिताओं के मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं। इसका पूरा विवरण शासन में लगातार पहुंच रहा था। शासन स्तर पर इसकी जांच चल रही है। जानकारों का कहना है कि इसी जांच के चलते ही विभागाध्यक्ष को पद से हटाया गया है।
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