Investigation Launched Against Police for Allowing Rape Accused to Stay in Hospital for 32 Days चंदौली एसपी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठाई , Varanasi Hindi News - Hindustan
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चंदौली एसपी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठाई

Varanasi News - चंदौली जिले में एक दुष्कर्म आरोपी को बिना बीमारी के 32 दिनों तक जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में भर्ती रखने के मामले में जांच शुरू की गई है। आरोपी की पत्नी और अन्य लोग अस्पताल में उससे मिलने आते...

Newswrap हिन्दुस्तान, वाराणसीWed, 2 April 2025 05:56 AM
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चंदौली एसपी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठाई

वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। जिला जेल में निरुद्ध दुष्कर्म के आरोपी बंदी को बिना बीमारी जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में 32 दिनों तक भर्ती करने, सुरक्षा के लिए चंदौली के पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने के मामले में चंदौली एसपी ने भी जांच बैठा दी है। चंदौली के तीनों मुख्य आरक्षी मोहन कुमार, मेराज खान, सुशील यादव के खिलाफ आरंभिक जांच शुरू करा दी है।

चंदौली की महिला ने मुरली जगदीशपुर निवासी चंद्रभूषण सिंह उर्फ प्रभुजी के खिलाफ बीते साल 20 सितंबर को वाराणसी के शिवपुर थाने में दुष्कर्म और धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। बीते साल नवंबर में पेट में दर्द, आंखों में जलन आदि की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था। 31 दिसंबर को डिस्जार्च किया गया। शिकायत के क्रम में प्रशासनिक अफसरों ने जांच कराई, जिसमें पता चला कि वह 32 दिनों तक बिना बीमारी अस्पताल में भर्ती रहा। अस्पताल में वह अपनी पत्नी के साथ रहता था। उससे मिलने के भी लोग आते थे। जांच में सामने आया कि जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शिवेश जायसवाल और जिला कारागार की पूर्व डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया की इसमें संलिप्तता रही। डीएम ने दोनों पर कार्रवाई के लिए संस्तुति की है। पूर्व डिप्टी जेलर ने वाराणसी के बजाय चंदौली के तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगवाई, ताकि वाराणसी में अधिकारियों को पता न चल सके। उधर, जिन तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी थी, वे 32 दिन तक ड्यूटी करते रहे लेकिन अपने उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराया। इस आधार पर चंदौली एसपी आदित्य लांग्हे ने जांच बैठा दी है। इस क्रम में डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री ने भी जिला जेल से रिपोर्ट मांगी है। डीजी जेल के स्तर से कई अन्य पर भी गाज गिर सकती है।

पहले से दागी रहे हैं चिकित्सक

चिकित्सक डॉ. शिवेश जायसवाल को भी दोषी माना गया है। वह पहले से दागी रहे हैं। नवंबर 2019 में पीएसी आरक्षी भर्ती के दौरान री-मेडिकल परीक्षण के लिए कमेटी बनी थी। उस दौरान अभ्यर्थियों के मानक पूरे नहीं करने के बाद भी पैसे लेकर उन्हें पास करने के आरोप लगे थे। इस मामले में वह जेल भी गए थे।

कैंट, शिवपुर में आधा दर्जन मुकमदे

चंद्रभूषण सिंह उर्फ प्रभुजी के खिलाफ कैंट तथा शिवपुर थाने में आधा दर्जन मुकदमे हैं। जमीन के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से लेकर महिला से दुष्कर्म, छेड़खानी, जेल में रहते हुए रंगदारी मांगने से लेकर गवाहों को धमकाने के मुकदमे पंजीकृत हैं।

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