कैबिनेट फैसला : यूपी के 74 हजार किसानों को होगा बड़ा फायदा, सोलर पम्प पर टॉपअप सब्सिडी देगी सरकार
लोकसभा चुनाव से पहले गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की इस बैठक में किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है।
लोकसभा चुनाव से पहले गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की इस बैठक में किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है। कैबिनेट ने पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप पर टॉपअप सब्सिडी देने का फैसला किया गया है। किसानों को पहले की तरह ही 60 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए जो अतिरिक्त खर्च आएगा, वह राज्य सरकार देगी। यह निर्णय गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया। अभी केंद्र सरकार की इस योजना में 60 प्रतिशत सहायता केंद्र सरकार देती है। बाकी 40 प्रतिशत किसान को कीमत चुकानी होती है। इस बार जो टेंडर हुए हैं उसमें कीमतें बढ़ने से लागत ज्यादा आ रही है। ऐसे में इस अतिरिक्त लागत की भरपाई राज्य सरकार ने करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में 350 करोड़ के सोलर पम्प 74 हजार किसानों को दिए जाने हैं।
बेसिक स्कूलों में कक्षा दो तक के बच्चे एनसीईआरटी की किताबें पढ़ेंगे
आने वाले शैक्षिक सत्र (2024-25) से बेसिक स्कूलों में कक्षा एक और दो में बच्चों को एनसीईआरटी की किताबें पढ़ने को दी जाएंगी। गुरुवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन हुए निर्णय के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग एनसीईआरटी से कॉपीराइट लेकर इन किताबों को छपवाएगा। माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक पहले से एनसीईआरटी पैटर्न लागू है। माध्यमिक शिक्षा विभाग एनसीईआरटी के पैटर्न पर अधिकृत प्रकाशकों से किताबें छपवाता है। ऐसे में एनसीईआरटी और माध्मयिक की किताबों में काफी अंतर होता है। बेसिक में यह अंतर ज्यादा नहीं होगा। एनसीईआरटी की पाठ्य सामग्री होगी। स्थानीय स्तर पर कुछ मामूली बदलाव किए जा सकते हैं। पहले चरण में अगले सत्र से कक्षा एक और दो के करीब 45 लाख छात्रों को ये किताबें दी जाएंगी।
कैबिनेट निर्णय निवेशकों को मिलेगी रियायतें
योगी सरकार ने विभिन्न कंपनियों को उनके द्वारा किए गए निवेश की एवज में लेटर आफ इंटेंट जारी करने का निर्णय लिया है। इसके जरिए उन्हें रियायतें मिलने का रास्ता साफ होगा। गुरुवार को औद्योगिक विकास विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूर किया गया। पहले इन कंपनियों को 2017 की निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत लाभ अनुमन्य थे। बाद में इन कंपनियों ने 2022 की नीति के तहत रियायतों के लिए आवदेन किया। शर्तें पूरी होने के कारण इन्हें मंजूर किया गया।
गोरखपुर में गोड़धइया नाले व रामगढ़ ताल के जीर्णोद्धार पर अब 495.23 करोड़ होंगे खर्च
यूपी सरकार ने गोरखपुर में गोड़धइया नाले और रामगढ़ ताल के जीर्णोद्धार पर खर्च होने वाली राशि बढ़ा दी है। अब इस पर 495.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन दो में गोरखपुर में गोड़धइया नाले के चैनलाइजेशन का काम किया जाना है। इसके साथ ही रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार का काम भी होना है। इन कामों पर पहले 47442.22 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। अब इसमें बढ़ोत्तरी हो गई है। इसको मंजूरी दे दी गई है। इन दोनों कामों से गोरखपुर के संबंधित क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से लोगों को मुक्ति मिलेगी और इससे होने वाले रोगों पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।