मथुरा में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव, कई लोगों को लगी चोट, दलित बेटियों से मिलने जाते समय हमला
सांसद चन्द्रशेखर आजाद के काफिले पर मथुरा में हमला हुआ है। उनकी गाड़ियों पर पथराव किया गया है। पथराव से काफिले में शामिल चार-पांच बाइक सवारों को हल्की चोटें आई हैं। चंद्रशेखर जातीय संघर्ष में प्रताड़ित दलित बहनों से मिलने जा रहे थे।
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भीम आर्मी प्रमुख सांसद चन्द्रशेखर आजाद के काफिले पर मथुरा में पथराव किया गया है। सुरीर से पहले स्वतंत्रता सेनानी द्वार के पास ईंट भट्टे के पास उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया। काफिले में शामिल चार-पांच बाइक सवारों को पथराव में हल्की चोटें आई हैं। पथराव होते ही अफरातफरी मच गई। तनाव के चलते भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची है। पुलिस ने पथराव करने वालों को हिरासत में लिया है। चंद्रशेखर आजाद जातीय संघर्ष में तब्दील गांव भगत नगरिया जा रहे थे। यहां दलित बेटियों के परिवार से मिलने का कार्यक्रम था। पथराव के कारण वहां नहीं जा सके और सुरीर के आंबेडकर पार्क में उनकी सभा हो रही है। यहीं पर दलित बेटियों और उनके परिजनों को बुलाकर मिलवाया गया है। चंद्रशेखर ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएंगे पूरी तरह से परिवार के साथ हूं।
गौरतलब है कि मथुरा में थाना रिफाइनरी क्षेत्र के गांव करनावल में पिछले शुक्रवार रास्ते से निकलने को लेकर दबंगों ने दो दलित दुल्हनों समेत घरातियों और बरातियों की जमकर पीटाई कर दी थी। घटना के बाद दूल्हों के पिता बिना शादी के बरात को वापस लेकर चले गए थे।
बताया जाता है कि ब्राह्मण खेगा (डीग, राजस्थान) निवासी तारा चंद्र बेटों देवेंद्र और अर्जुन की बरात लेकर करनावल निवासी दलित पदम सिंह घर पहुंचे थे। पदम सिंह की दोनों बेटियों से दोनों भाइयों की शादी होनी थी। रस्में चल रही थी। दोनों बेटियां अपनी बुआ और फू्फा के साथ टाउनशिप स्थित पार्लर पर तैयार होने गई थीं।
लौटते समय गांव की गली में कार के सामने बाइक सवार तीन युवक आ गए। रास्ते से निकलने को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि तीनों युवकों ने परिजनों को बुलाकर पहले फूफा, बुआ और दोनों बहनों के साथ मारपीट की। जाति सूचक शब्द कहे। इसके बाद पहुंचे घरातियों और बारातियों को भी पीटा।
इन्हीं बेटियों और परिवार से मिलने चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार की दोपहर पहुंचे थे। सिर्रेला से चन्द्रशेखर का काफिला भगत नगरिया के लिए निकला था। यहां से सुरीर होकर रास्ता जाता है। सुरीर से पहले स्वतंत्रता सेनानी द्वार के पास ईंट भट्टे के पास उनकी काफिले की गाड़ी पर पथराव किया गया। पथराव से उनके साथ मौजूद कुछ बाइक सवारों को चोटें आयी हैं। पथराव करने वाले करीब चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इसके बाद भगत नगरिया जाने का उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। चंद्रशेखर पथराव के बाद पास ही स्थित अंबेडकर पार्क में बैठ गए। वहीं पर पीड़ित परिवार को बुलवा लिया और उनसे वार्ता की। न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही।