मैंथा उद्योग को नुकसान पहुंचा सकता है ट्रंप का टैरिफ
Rampur News - अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ लागू करने से भारत के मैंथा उद्योग को बड़ा नुकसान हो सकता है। रामपुर से अमेरिका को निर्यात में वृद्धि हुई थी, लेकिन अब सिंथेटिक मैंथॉल के कारण प्राकृतिक मैंथा...

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चायना के सिंथेटिक मैंथोल से प्रतिस्पर्धा की जंग लड़ रहे हमारे मैंथा उद्योग को ट्रंप का टैरिफ बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, भारत सरकार इस संबंध में अमेरिका प्रशासन से संपर्क साधे हुए है। उद्यमियों को भरोसा है कि केंद्र सरकार कोई न कोई हल जरूर निकालेगी। संपूर्ण विश्व का 98 प्रतिशत मैंथा कारोबार उत्तर प्रदेश में होता है और यूपी में सर्वाधिक निर्यातक रामपुर में हैं। लेकिन, बीते चार-पांच साल से यह कारोबार पिछड़ता जा रहा है। सिंथेटिक मैंथॉल से यूपी का नेचुरल मैंथा कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है। संकट के ऐसे बादल इस कारोबार पर छाए हुए हैं कि औद्योगिक इकाइयां बंदी की स्थिति में आ गई हैं। उद्यमियों की मानें तो 17000 टन सिंथेटिक मैंथॉल भारत में खप रहा है। यानी, अपने ही देश के नेचुरल मैंथॉल कारोबार को 17000 टन की चोट सीधे-सीधे पड़ रही है। ऐसे में इंटरनेशनल मार्केट में भी इस प्राकृतिक मैंथा कारोबार को नुकसान पहुंच रहा है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो अप्रैल से कई सेक्टरों के उत्पादों पर टैरिफ लागू करने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में पहले से ही संकट के दौर से जूझ रहे कारोबार को और नुकसान हो सकता है।
अमेरिका को 100 करोड़ का हुआ था निर्यात
कोरोनाकाल अमेरिका में रामपुर के मेंथॉल की डिमांड इतनी बढ़ गई थी कि ढाई माह के दौरान ही रामपुर से 100 करोड़ से ज्यादा का मेंथॉल अमेरिका को निर्यात हुआ था। जबकि इटली, ब्राजील, स्विटजरलैंड, फ्रांस और जर्मनी को भी करीब ढाई सौ करोड़ का निर्यात हुआ है।
रामपुर से इन देशों में होता है एक्सपोटर्स
अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्विटजरलैंड, स्पेन, बेल्जियम, नार्वे, स्वीडन, कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, अजेंटीना, इंडोनेसिया, जापान, चीन, फिलीपींस, कोरिया, ताइवान आदि।
इस काम आते हैं मैंथाल एंड एलाइड प्रोडक्ट्स
ओरल केयर जैसे दर्द निवारक बाम, विक्स, जेल, कास्टमेटिक्स, तम्बाकू उत्पाद, डिटरजेंट, मेडिसिन, मेथोलेटिड सिगरेट आदि में ये उत्पाद काम में लाए जाते हैं। परफ्यूम बेस प्रोडक्ट्स का काम किसी भी खुशबू को अधिक समय तक रोके रखना है।
मुरादाबाद मंडल में यह है स्थिति
38-40 बड़ी फर्म हैं मंडल में मैंथा की।
2.50 हजार करोड़ का मंडल में टर्नओवर।
मैंथॉल एंड एलाइड प्रोडक्ट्स किए जाते हैं तैयार।
प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं करीब नौ हजार लोग।
15 लाख लोगों की आय का स्रोत है मैंथा उद्योग।
मंडल के जनपदों में स्थिति
रामपुर में आठ एक्सपोर्ट यूनिट हैं जबकि, संभल में पांच और चंदौसी में छह हैं। उद्यमियों की मानें तो यूपी में सर्वाधिक रामपुर, चंदौसी, संभल, बदायूं और बाराबंकी में उत्पादन।
यह भी जानें
-यूरोप समेत दुनिया के 30-35 देशों तक कारोबार।
-घरेलू बाजार में करीब चार सौ करोड़ का कारोबार।
-रामपुर से करीब एक हजार करोड़ सालाना एक्सपोट्र्स।
बोले जिम्मेदार
मैंथा रामपुर के ओडीओपी में शामिल है। वर्तमान में काफी चुनौतियों का सामना कर रहा है। बड़ी संख्या में छोटी फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। ऐसे में ट्रंप टैरिफ नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, भारत सरकार अमेरिका से बात कर रही है। उम्मीद है कि फिलहाल, लागू नहीं होगा।
-श्रीष गुप्ता, चेयरमैन आईआईए
रामपुर से मैंथा का अमेरिका के लिए निर्यात होता है। हमारा नेचुरल प्रोडक्ट है, इस पर ज्यादा टैरिफ शायद नहीं लगे। ट्रंप टैरिफ का बड़ा असर चीन को होगा, क्योंकि उनका सिंथेटिक मैंथॉल है। हालांकि, अभी यह भी कुछ नहीं आया है कि हम पर कितना टैरिफ अमेरिका लगा रहा है।
-विपिन गुप्ता, मैंथा निर्यातक एवं पूर्व चेयरमैन आईआईए
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