Problems of neuro patients will increase in KGMU Lucknow Chief Proctor Dr. Kshitij Srivastava Resignat leaving the job केजीएमयू लखनऊ में न्यूरो मरीजों की मुश्किलें बढ़ेंगी, चीफ प्रॉक्टर डॉक्टर क्षितिज श्रीवास्तव छोड़ रहे नौकरी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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केजीएमयू लखनऊ में न्यूरो मरीजों की मुश्किलें बढ़ेंगी, चीफ प्रॉक्टर डॉक्टर क्षितिज श्रीवास्तव छोड़ रहे नौकरी

लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल के चीफ प्रॉक्टर और न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टर क्षितिज श्रीवास्तव ने इस्तीफा दे दिया है। उनके यहां से नौकरी छोड़ने के फैसले को केजीएमयू के लिए भी झटका माना जा रहा है। पूरे प्रदेश से यहां पर न्यूरो के गंभीर मरीज अपना इलाज कराने के लिए आते हैं।

Yogesh Yadav लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाताWed, 2 April 2025 05:24 PM
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केजीएमयू लखनऊ में न्यूरो मरीजों की मुश्किलें बढ़ेंगी, चीफ प्रॉक्टर डॉक्टर क्षितिज श्रीवास्तव छोड़ रहे नौकरी

लखनऊ के सबसे बड़े अस्पताल किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में न्यूरो मरीजों की दुश्वारियां बढ़ने वाली हैं। न्यूरो के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर और चीफ प्रॉक्टर डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव ने इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टर क्षितिज के इस्तीफे को केजीएमयू के लिए भी तगड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि केजीएमयू की दुश्वारियों से परेशान होकर डॉक्टर क्षितिज ने कारर्पोरेट अस्पताल का दामन थामने का फैसला किया है। फिलहाल डॉ. क्षितिज ने नौकरी छोड़ने से पहले तीन महीने का नोटिस दिया है।

केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग में कुल सात डॉक्टर हैं। यहां के ही विभागाध्यक्ष डॉ. बीके ओझा केजीएमयू के सीएमएस भी हैं। डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव के पास चीफ प्रॉक्टर पद की जिम्मेदारी है। न्यूरो सर्जरी विभाग में रोजाना 250 से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर में प्रदेश भर से गंभीर मरीज आते हैं। इनमें ज्यादातर सिर में चोट लगने के बाद इलाज वाले मरीज हैं। इनकी इमरजेंसी सर्जरी भी हो रही हैं।

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पूरे प्रदेश से मरीजों के आने के कारण यहां के डॉक्टरों पर काम का बहुत अधिक दबाव है। चर्चा हैं कि इन्हीं दुश्वारियों और कारर्पोरेट अस्पताल से बेहतर ऑफर मिलने पर डॉ. क्षितिज ने इस्तीफा दिया है। प्रोफेसर डॉ. क्षितिज के जाने से यहां पर ऑपरेशन और इलाज का इंतजार और बढ़ जाएगा। दूर दराज से आने वाले मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा।

दम तोड़ रही स्वास्थ्य सेवांए

केजीएमयू में चिकित्सीय सेवाएं दम तोड़ रही हैं। यहां सरकार द्वारा संसाधन और करोड़ों का बजट मुहैया कराने के बावजूद मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा रहे हैं। इससे मरीजों के सामने इलाज का और बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सिर के गंभीर मरीजों को अब ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। केजीएमयू ही नहीं अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में सबसे ज्यादा मारामारी न्यूरो विभाग में ही रहती है। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।