Allahabad High Court Refers Transfer Policy Case to Larger Bench for Judicial Review स्थानांतरण नीति का कानूनी मुद्दा तय करेगी वृहद पीठ, Prayagraj Hindi News - Hindustan
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स्थानांतरण नीति का कानूनी मुद्दा तय करेगी वृहद पीठ

Prayagraj News - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति-पत्नी की सरकारी नौकरी से जुड़े स्थानांतरण नीति के मामले को वृहद पीठ को संदर्भित किया है। याचिका में कहा गया है कि पति का स्थानांतरण 700 किमी दूर किया गया है, जबकि नीति के...

Newswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराजWed, 2 April 2025 05:30 AM
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स्थानांतरण नीति का कानूनी मुद्दा तय करेगी वृहद पीठ

प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्थानांतरण नीति को लेकर उठा कानूनी मुद्दा तय करने के लिए मामला वृहद पीठ को संदर्भित कर दिया है। तय होना है कि पति पत्नी दोनों सरकारी नौकरी कर रहे हैं और नीति है कि दोनों को एक स्थान या नजदीक में तैनात किया जाए, इसे लागू करने के लिए बाध्य किया जा सकता है और क्या तबादला नीति के विपरीत आदेश की न्यायिक समीक्षा की जानी चाहिए। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने ललितपुर निवासी वरुण जैन की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अजय कुमार श्रीवास्तव केस इन्हीं मुद्दों को लेकर वृहद पीठ को भेजा गया है। नीति को लागू करने की मांग में दाखिल इस याचिका को भी उसी के साथ संबद्ध किया जाए।

याची की ओर से अधिवक्ता एमए सिद्दीकी का कहना है कि याची की नियुक्ति तकनीकी सहायक तृतीय श्रेणी कर्मचारी के पद पर मृदा संरक्षण कार्यालय जालौन (उरई) में की गई थी। प्रदेश के आठ जिलों में शुरू एक प्रोजेक्ट के लिए याची का तबादला सिद्धार्थनगर कर दिया गया। कोविड 19 के दौरान याची के पिता की मृत्यु हो गई। उसकी पत्नी ललितपुर में अध्यापिका है। घर में वृद्ध मां की देखभाल के लिए याची ने ललितपुर या नजदीक के जिले में तबादला करने की अर्जी दी, जिसे अपर जिला प्रशासन कृषि निदेशालय ने 29 नवंबर 2023 को निरस्त कर दिया। इसे याचिका में चुनौती दी गई है।

याची का कहना है कि निदेशालय का आदेश सरकार की तबादला नीति का खुला उल्लघंन है। अधिकारियों को इस नीति के विपरीत आदेश करने का अधिकार नहीं है। ललितपुर व सिद्धार्थनगर की दूरी 700 किमी है। आवागमन के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। यात्रा में 22 से 24 घंटे लगते हैं। तबादला नीति है कि पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी करते हों तो एक स्टेशन पर या नजदीक तैनाती की जाए। ऐसे में अपर निदेशक का आदेश तबादला निति के विपरीत है, इसे रद्द किया जाना चाहिए और याची का ललितपुर या नजदीक के जिले में तबादला किया जाना चाहिए। कोर्ट ने इसी मुद्दे को तय करने के लिए प्रकरण वृहद पीठ को संदर्भित किया है।

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