काशी में महाशिवरात्रि पर ही निकलेगी शिव बारात, मंत्री रविंद्र जायसवाल की पहल पर पलटा फैसला
काशी में महाशिवरात्रि पर ही शिव बारात निकलेगी। मंत्री रविंद्र जायसवाल की पहल पर बारात आयोजन समिति और प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद एक दिन पहले लिया गया फैसला पलट गया है।
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वाराणसी में चार दशक से भी पुरानी परंपरा टूटने की नौबत अब खत्म हो गई है। महाशिवरात्रि पर निकलने वाली शिव बारात अपने परंपरा के अनुसार ही परंपरागत मार्ग से ही निकलेगी। वाराणसी के विधायक और प्रदेश के स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल से शिव बारात आयोजक मंडल और अधिकारियों से बातचीत के बाद यह फैसला हुआ है। इससे पहले महाकुंभ की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के अनुरोध पर बारात को महाशिवरात्रि की जगह अगले दिन निकालने का फैसला किया गया था। इसका तीव्र विरोध देखने को मिला था।
वाराणसी के ही रहने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के विवाह के बाद शिव बारात निकालने को सनातन धर्म और भगवान शिव का अपमान बताते हुए वाराणसी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग कर दी थी।
इसी बीच मंगलवार की शाम मंत्री रवींद्र जायसवाल ने शिव बारात समिति के लोगों और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। यह फैसला किया गया है कि पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए बाबा की बारात महाशिवरात्रि के ही दिन हमेशा की तरह रात्रि 8 बजे से निकलेगी।
मंत्री ने कहा कि आयोजन मंडल की पदाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि बारात के दौरान दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए। प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को भी सुरक्षा और ट्रैफिक के बाबत तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में समिति के आरके चौधरी, दीपक बजाज, दिलीप सिंह, महेश माहेश्वरी, गौरव अग्रवाल आदि थे।
इस बार विदेश बालाएं भी होंगी बाबा की गणरूप
शिव बारात दारानगर स्थित महामृत्युंजय मंदिर से आरंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क पहुंचेगी। वहां कन्या पक्ष की ओर से बारातियों का स्वागत बनारसी ठंडई और भांग से किया जाएगा। इस बार बाबा विश्वनाथ की बारात के विश्वव्यापी प्रचार प्रसार का परिणाम है कि आठ विदेशी बालाएं बाबा के गणरूप में बारात में शामिल होंगी। इनमें यूक्रेन की यूलिया, ऐलोना, आइरीना, ओलेना, नेटलिया, ओल्हाजुबैदा, जर्मनी की डारिया और यूके की टेंटीना हैं।
इसके अलावा महाकुंभ पर केंद्रित झांकी भी होगी। बारात के स्वागत में खड़ी जनता पर त्रिवेणी से मंगाए गए एक टैंकर जल की बौछार की जाएगी। लाइट एण्ड साउंस सिस्टम पर आधारित मसाने की होली की झांकी भी आकर्षण बनेगी।