Gorakhpur Struggles with Monkey and Stray Dog Menace Despite Capture Efforts शहर में बंदरों और श्वानों का आतंक, नगर निगम पर बढ़ा बोझ, Gorakhpur Hindi News - Hindustan
Hindi NewsUttar-pradesh NewsGorakhpur NewsGorakhpur Struggles with Monkey and Stray Dog Menace Despite Capture Efforts

शहर में बंदरों और श्वानों का आतंक, नगर निगम पर बढ़ा बोझ

Gorakhpur News - गोरखपुर में बंदरों और निराश्रित श्वानों का आतंक बढ़ रहा है। नगर निगम ने 300 से अधिक बंदरों और 300 से अधिक श्वानों को पकड़ा है। बंदरों को पकड़ने का अभियान फिलहाल रोक दिया गया है। निगम नई रणनीति पर काम...

Newswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुरWed, 2 April 2025 01:01 PM
share Share
Follow Us on
शहर में बंदरों और श्वानों का आतंक, नगर निगम पर बढ़ा बोझ

गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। महानगर में बंदरों और निराश्रित श्वानों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम की ओर से अब तक 300 से अधिक बंदरों को पकड़ा जा चुका है, लेकिन फिर भी शिकायतें लगातार आ रही हैं। नगर निगम को बंदरों को पकड़ने के लिए इतने आवेदन मिल रहे हैं कि इस पर दबाव बढ़ गया है। फिलहाल निगम ने बंदरों को पकड़ने का अभियान रोक दिया है। इसके लिए नई रणनीति बनाने की योजना पर काम चल रहा है। नगर निगम एक बंदर पकड़ने पर 825 रुपये खर्च कर रहा है। इस कार्य के लिए सेवाएं दे रही निजी फर्म सैनिक विहार, बशारतपुर, घासीकटरा, किरोड़ीमल का हाता, दिव्यनगर समेत कई इलाकों से बंदरों को पकड़ा है। सबसे ज्यादा बंदर सैनिक विहार इलाके से पकड़े गए हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए रोजाना 50 से अधिक आवेदन और फोन आ रहे हैं, जिससे प्राथमिकता तय करने में मुश्किल हो रही है। फिलहाल नगर निगम ने इस अभियान को रोक दिया है। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. रोबिन चंद्रा ने बताया कि बंदरों को पकड़ने की नई कार्ययोजना बनाने के लिए एसओपी तैयार की जाएगी।

निराश्रित श्वानों को पकड़ने में भी आ रही परेशानी

बंदरों के साथ-साथ निराश्रित श्वानों की समस्या भी बढ़ रही है। नगर निगम की टीम अब तक 300 से अधिक श्वानों को पकड़ चुकी है, जिनमें से 256 की नसबंदी कर दी गई है। मंगलवार को रेल विहार में महिला के पाले गए श्वानों की शिकायत मिलने पर टीम वहां पहुंची, लेकिन महिला ने विरोध किया। समझाने के बाद वह इस शर्त पर राजी हुई कि श्वानों को वैक्सीन लगा कर चार दिन बाद वापस छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद टीम श्वानों को एबीसी सेंटर लेकर आई।

डिमांड के मुताबिक बंदरों को पकड़ा जा रहा है, लेकिन कई बार एक-दो बंदरों के लिए भी आवेदन आ रहे हैं। फिलहाल हम नई रणनीति पर विचार कर रहे हैं उम्मीद है कि जल्द समाधान निकल आएगा।

दुर्गेश मिश्र, अपर नगर आयुक्त

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।