2029 में यूपी मॉडल पर लोकसभा चुनाव का सवाल टाल गए योगी, गिना दिए डबल इंजन सरकार के काम
- राजनीति को फुलटाइम जॉब नहीं बताकर हलचल मचा चुके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 में यूपी मॉडल पर चुनाव लड़ने के सवाल का सीधा जवाब टाल गए। उन्होंने यूपी में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां जरूर गिनाईं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बीते दिनों देश की दो प्रमुख समाचार एजेंसियों को लंबा इंटरव्यू दिया है जिसमें उनके बयान लगातार सुर्खियां बने हुए हैं। पीटीआई वाले इंटरव्यू में 2029 में यूपी मॉडल पर लोकसभा चुनाव के सवाल का सीधा जवाब सीएम योगी टाल गए लेकिन 8 साल में भाजपा की डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार) की उपलब्धियां जरूर गिना दी। योगी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बहुत जल्द उत्तर प्रदेश देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था का राज्य बन जाएगा और राज्य के लोगों की औसत आय राष्ट्रीय औसत के बराबर हो जाएगी। सरकार ने अगले चार-पांच साल में यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है।
पीटीआई का सवाल था- आठ साल जो आपके बीते हैं, कई पहलुओं में यूपी की छवि बदल गई है आठ सालों में। और एक तरह से यूपी गवर्नेंस मॉडल की चर्चा हो रही है। तो आगे चलकर जिस तरह से 2014 के चुनाव के पहले गुजरात मॉडल की चर्चा होती थी, उस तरह से अगले चुनाव में, 2029 के चुनाव में, क्या आप चाहेंगे कि यूपी मॉडल, यूपी गवर्नेंस मॉडल की बात हो।
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योगी आदित्यनाथ ने जवाब में कहा- उत्तर प्रदेश देश की आबादी का सबसे बड़ा राज्य है। जितनी बड़ी आबादी है, उतनी बड़ी चुनौती भी उत्तर प्रदेश के सामने थी। ये चुनौती प्राकृतिक कम, कृत्रिम ज्यादा थी। जिन लोगों ने लंबे समय तक उत्तर प्रदेश पर शासन किया, ये कृत्रिम चुनौती उनके कारनामों की परिणति थी। जिसका परिणाम था कि प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा का प्रदेश, हरेक क्षेत्र में पिछड़ता गया। चाहे वो गवर्नेंस का क्षेत्र रहा हो, चाहे वो प्रदेश में वेलफेयर स्कीम को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का रहा हो। उत्तर प्रदेश के अंदर इन्फ्रास्ट्रक्चर का रहा हो या डेवलपमेंट का रहा हो, एम्प्लॉयमेंट का रहा हो, हरेक क्षेत्र में सब देखने को मिल रही है। 2016-17 तक तो यह स्थिति आ गई थी कि पहचान के एक गंभीर संकट से उत्तर प्रदेश गुजर रहा था।
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एक तरफ पूरे देश के अंदर प्रधानमंत्री मोदी जी के 2014 में आगमन के बाद, लोगों के मन में एक उत्साह था, उमंग था। लेकिन केंद्र में मोदी जी के नेतृत्व की सरकार जो भी लागू करती, राज्य के अंदर तत्कालीन सरकार उसको लागू ही नहीं होने देती थी। और अंततः 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी जी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश की जनता-जनार्दन ने ऐतिहासिक निर्णय लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एक पूर्ण बहुमत की सरकार दी। और आज परिणाम सबके सामने है। पिछले 8 वर्ष में, जो काम 70 वर्षों में पिछली सरकारों ने नहीं किया या करने में विफल थे, इन 8 वर्षों में उसको प्राप्त करने में काफी हद तक हमें सफलता प्राप्त हुई।
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और खास तौर पर अगर आप देखेंगे, अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में देखें, 1947 से 2017 तक इन 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 से 12.50 लाख करोड़ के आसपास झूल रही थी। और ये देश के अंदर छठी-सातवीं अर्थव्यवस्था थी। आज इन आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 27.50 लाख करोड़ पार कर चुकी है और ये देश की नंबर 2 की अर्थव्यवस्था बनी है। मैं इसलिए भी कह रहा हूं कि जब ये देश आजाद हुआ था, उत्तर प्रदेश की पर कैपिटा इनकम (प्रति व्यक्ति आय) नेशनल एवरेज के बराबर थी। 2016-17 में आते-आते यह देश की प्रति व्यक्ति आय की तुलना में एक तिहाई रह गई थी। आज हम इसको दोगुने से अधिक बढ़ाने में सफल हुए हैं। मेरा अनुमान है कि उत्तर प्रदेश नंबर 1 की अर्थव्यवस्था बनेगा और उत्तर प्रदेश की पर कैपिटा इनकम नेशनल एवरेज के बराबर फिर आने में सफल होगी। उस दिशा में जो प्रयास आज डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश के अंदर किए हैं, उसके परिणाम हम सबके सामने होंगे।
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हम लोगों ने एक टाइमलाइन तय की है। उस टाइमलाइन के अनुसार हम लोग अलग-अलग सेक्टर पर जो काम कर रहे हैं, हम लोग ये मानते हैं कि 2029-30 में उत्तर प्रदेश उसको हासिल कर लेगा।
बता दें कि आखिरी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.84 लाख रुपये है जबकि उत्तर प्रदेश में यह दर लगभग 94 हजार रुपये के आसपास है।