रास्ते में हाथ टकराने पर बेकाबू हुआ गुस्सा, बीटेक छात्र पर जूनियरों ने चाकू से बोला हमला; 3 गिरफ्तार
- जख्मी छात्र का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिवकुटी पुलिस ने इस मामले में आयुष, निखिल, अभिषेक यादव, अलंकृत, युवराज और 12 अन्य अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी अभिषेक, अलंकृत और निखिल को गिरफ्तार कर लिया है।

रास्ते में हाथ टकराने पर बीटेक सेकेंड इयर के छात्र का गुस्सा ऐसा भड़क गया कि साथियों के साथ मिलकर उसने बीटेक के ही एक अन्य छात्र पर चाकुओं से हमला बोल दिया। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के बीटेक छात्र 20 वर्षीय रवि कुमार चौधरी के साथ यह घटना सोमवार की रात हुई। जख्मी छात्र का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिवकुटी पुलिस ने इस मामले में आयुष, निखिल, अभिषेक यादव, अलंकृत, युवराज और 12 अन्य अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने आरोपी अभिषेक, अलंकृत और निखिल को गिरफ्तार कर लिया है।
मथुरा निवासी रवि कुमार चौधरी एमएनएनआईटी में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र है। उसने एफआईआर दर्ज कराई कि सोमवार रात करीब आठ बजे वह जिम से लौट रहा था। रास्ते में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष का हाथ टकरा गया। इस बात पर झड़प हो गई। उस समय बाकी छात्रों ने आयुष को समझाकर हटा दिया। आरोप है कि एक-डेढ़ घंटे बाद रवि संस्थान के गेट के पास स्थित एक चाय की दुकान पर पहुंचा तभी आरोपी छात्र अपने अन्य साथियों के साथ पहुंचे और रवि से मारपीट शुरू कर दी।
एफआईआर के मुताबिक निखिल ने अपने सीनियर रवि पर चाकू से हमला कर दिया। उसने पेट और पीठ पर तीन वार किए जिससे वह खून से लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना के बाद आरोपित भाग गए। घायल रवि को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिवकुटी थाना प्रभारी ने बताया कि नामजद तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य की तलाश में छापामारी चल रही है।
कुलानुशासक ने बैठाई जांच
बीटेक छात्र पर हमले की खबर मिलते ही संस्थान में खलबली मच गई। हॉस्टल के चीफ वार्डन प्रो. नरेश कुमार ने बताया कि छात्रों के दो गुटों के बीच संस्थान परिसर के बाहर मारपीट हुई है, जिसमें बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र जख्मी हुआ है। कुलसचिव, ऑफीसर इनचार्ज सिक्योरिटी एवं मुख्य संरक्षक अस्पताल पहुंचे तथा छात्र से मिले। संस्थान के मुख्य कुलानुशासक ने इस मामले की जांच का आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि मामले को शीघ्र अगले प्रॉक्टोरियल बोर्ड की मीटिंग में उचित एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए रखा जाएगा।