बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात हमून बुधवार को तट से टकराने वाला है। यह बांग्लादेश के तट से टकराएगा लेकिन पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है।
बिपरजॉय के चक्रवाती तूफान से धीरे-धीरे कम होकर एक दबाव क्षेत्र में तब्दील होने के बाद उत्तरी गुजरात के कुछ हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान बेहद भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी
बिपरजॉय तूफान भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए मुश्किलें लेकर आया। हालांकि दोनों देशों में इस तूफान से निपटने के तरीकों में खासा अंतर दिखा। भारत में काफी पहले से ही इससे निबटने की तैयारी थी।
चक्रवात से हुई तबाही के बाद गुजरात सरकार के सामने करीब 1,000 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल करने और सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने की तत्काल चुनौती है।
बिपरजॉय की बिपदा वैसे तो गुजरात की सीमा पार कर गई है। लेकिन जाने के साथ अपने पीछे तबाही के निशां छोड़ गई है। जगह-जगह उखड़े पेड़, गिरे हुए बिजली के खंभे, पलटी हुई गाड़ियां चक्रवात की कहानी बयां कर रहे।
Cyclone Biporjoy: इतना ही नहीं 14 जिलों पर पड़ी मौसम की मार के बाद कटी बिजली ने पूरे राज्य को अंधेरे में धकेल दिया। इलाकों का आपस में संपर्क टूट गया। साथ ही इसका असर दक्षिण रेलवे पर भी पड़ा।
बिपारजॉय चक्रवात के टकराने के बाद से लगभग 180-200 पेड़ गिर चुके हैं, सभी को हटाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन स्थिति पर निगरानी रख रही हैं।
चक्रवात बिपरजॉय को ध्यान में रखते हुए, वेस्टर्न रेलवे ने चक्रवात संभावित क्षेत्रों में एहतियाती उपाय के रूप में कुछ और ट्रेनों के संचालन को रद्द करने, आंशिक रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग ने एक बयान में कहा कि 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान' बिपारजॉय उत्तरी अरब सागर में केंद्रित है और यह 115-125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सौराष्ट्र तट के करीब आ रहा है।
सेना ने भुज, जामनगर, गांधीधाम के साथ-साथ नलिया, द्वारका और मांडवी में अग्रिम स्थानों पर 27 राहत टुकड़ियां तैनात की हैं। वायुसेना ने वड़ोदरा, अहमदाबाद और दिल्ली में एक-एक हेलीकॉप्टर को तैयार रखा है।