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जितनी मर्जी उतना हंगामा कर ले आप, पेश होकर रहेगी CAG रिपोर्ट; कपिल मिश्रा ने गिनाए संकल्प

दिल्ली के कानून एवं न्याय मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि आप के विधायक चाहे जितना हंगामा कर लें, कैग रिपोर्ट विधानसभा में जरूर पेश की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी जनता की अदालत में न्याय हुआ है, अब कानून की अदालत में न्याय होगा।

Subodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीMon, 24 Feb 2025 07:55 PM
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जितनी मर्जी उतना हंगामा कर ले आप, पेश होकर रहेगी CAG रिपोर्ट; कपिल मिश्रा ने गिनाए संकल्प

दिल्ली के कानून एवं न्याय मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि आप के विधायक चाहे जितना हंगामा कर लें, कैग रिपोर्ट विधानसभा में जरूर पेश की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी जनता की अदालत में न्याय हुआ है, अब कानून की अदालत में न्याय होगा।

दिल्ली की नई बीजेपी सरकार 25 फरवरी को दिल्ली विधानसभा में पिछली आप सरकार के प्रदर्शन पर कैग की 14 लंबित रिपोर्ट पेश करने वाली है। दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने सोमवार को अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और इस मुद्दे पर बात की। सीएजी रिपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के लोग इसे लेकर डरे हुए हैं, यही वजह है कि उन्होंने पहले इसे सदन में पेश नहीं किया। ये रिपोर्ट तो बहुत पहले टेबल हो जानी चाहिए थी। दिल्ली की जनता के सामने होनी चाहिए थी।

कपिल मिश्रा ने कहा कि ये रिपोर्ट तो सार्वजनिक होगी। इसका हमने संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है। रिपोर्ट कल टेबल होगी। आम आदमी पार्टी के लोगों ने आज भी कोशिश की और कल भी कोशिश करेंगे कि सदन को रोकें, लेकिन इन रिपोर्ट को वे रोक नहीं सकते हैं। सच सामने आएगा। अभी जनता की अदालत में न्याय हुआ है। कानून की अदालत में भी न्याय हो, हम यह सुनिश्चित करेंगे।

बता दें कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि नई सरकार के पहले सत्र में कैग रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएंगी। कैग की लंबित रिपोर्ट में राज्य के वित्त, सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे, वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण, शराब विनियमन और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कामकाज की समीक्षा शामिल है।

भाजपा ने आप के कार्यकाल के दौरान बार-बार इन रिपोर्ट को जारी करने की मांग की थी। पार्टी ने सरकार को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने के लिए अदालत का रुख किया था। भाजपा ने आप सरकार पर कथित भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए जानबूझकर ऑडिट में देरी करने का आरोप लगाया था। विधानसभा चुनावों के दौरान यह मुद्दा गहरा गया था, जिसमें भाजपा ने वित्तीय कुप्रबंधन के निष्कर्षों को दबाने के प्रयास के रूप में देरी को उजागर किया था।

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जांच के दायरे में आई एक अहम रिपोर्ट मुख्यमंत्री के 6, फ्लैग स्टाफ रोड स्थित सरकारी आवास के मरम्मत कार्य से जुड़ी है, जिसे भाजपा ने ‘शीश महल’ करार दिया। ऑडिट में कथित तौर पर परियोजना की योजना, निविदा और क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। साल 2020 में शुरू में 7.61 करोड़ रुपए मंजूर किए गए, अप्रैल 2022 तक लागत बढ़कर 33.66 करोड़ रुपये हो गई। इस तरह इसमें 342 प्रतिशत की वृद्धि हुई। भाजपा और कांग्रेस ने इन निष्कर्षों के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा और उन पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने पूर्व में इन रिपोर्ट के सार्वजनिक न किए जाने पर चिंता जताई थी और पिछले साल दिसंबर में विधानसभा से विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया था। हालांकि, आप के कार्यकाल के दौरान ये रिपोर्ट पेश नहीं की गईं, जिसके कारण उन्हें जारी करने की मांग बढ़ती गई।

(भाषा से इनपुट)

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