बंगाल की सबसे भव्य दुर्गा पूजा कराने वाला शख्स, TMC में कैसे बना इतना कद्दावर; सुजीत बोस की कहानी
सुजीत बोस ने CPI(M) की युवा शाखा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के साथ छात्र नेता के तौर पर शुरुआत की। वह सीपीआई (एम) नेता सुभाष चक्रवर्ती के करीबी माने जाते रहे सहयोगी बन गए।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर आने वाले बड़े चेहरे तृणमूल कांग्रेस के नेता सुजीत बोस हैं। ईडी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के अग्निशमन व आपातकालीन सेवा मंत्री बोस, टीएमसी विधायक तापस रॉय और TMC नेता सुबोध चक्रवर्ती के आवासों पर छापे मारे। नगर निकायों में भर्ती में अनियमितता की जांच के सिलसिले में यह छापेमारी की गई। हफ्ते भर पहले उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में टीएमसी के एक नेता के आवास पर छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों पर हमला हुआ था। इसके बाद शुक्रवार की ईडी की यह पहली छापेमारी है। इस बार केंद्रीय सुरक्षाबलों के जवान हेलमेट जैसे अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों के साथ ही स्वचालित हथियार भी लिए हुए थे।
सवाल है कि सुजीत बोस कौन हैं और टीएमसी के कितने कद्दावर नेता हैं। बोस ने CPI(M) की युवा शाखा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के साथ छात्र नेता के तौर पर शुरुआत की। वह सीपीआई (एम) नेता सुभाष चक्रवर्ती के करीबी माने जाते रहे। चक्रवर्ती का कोलकाता के उपनगरीय इलाके बिधाननगर में काफी दबदबा था, जो 1982 से 2009 तक कैबिनेट मंत्री रहे। कहा जाता है कि दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए। 1990 के दशक में बोस ने खुद को चक्रवर्ती से दूर कर लिया। 1998 तक ममता बनर्जी एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में उभर चुकी थीं, जो सीपीआई (एम) से मुकाबला कर सकती थीं।
2001 में ममता बनर्जी के साथ आए सुजीत बोस
ममता बनर्जी ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और TMC बनाने के लिए समर्थकों को इकट्ठा किया। 2001 में सुजीत बोस पार्टी में शामिल हुए। 5 साल बाद उन्होंने चक्रवर्ती के खिलाफ ही पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। मगर, कभी उनके गुरु रहे चक्रवर्ती ने 1,749 वोटों जीत दर्ज की। 2009 में सुभाष चक्रवर्ती का निधन हो गया। बोस ने उनकी पत्नी रमाला के खिलाफ उपचुनाव लड़ा और 28,360 वोटों जीत दर्ज की। इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत का परचम लहराया और फिर पहली बार मंत्री बनाए गए। उत्तर बंगाल में TMC का आधार बनाने में बोस का अहम योगदान माना जाता है।
दुर्गा पूजा के दौरान VIP रोड पर आवाजाही ठप
सुजीत बोस की खास बात यह भी है कि अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने सांस्कृतिक गतिविधियों में खूब दिलचस्पी दिखाई। वह शहर के लेक टाउन में श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में कोलकाता की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए जाने जाते हैं। पूजा के दौरान शहर में मुख्य वीआईपी रोड पर वाहनों की आवाजाही रुक जाती है। पिछले साल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे लेकर बोस को फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि अगर पूजा के कारण वीआईपी रोड पर यातायात प्रभावित हुआ तो वह उन्हें 'ब्लॉक' कर देंगी।
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