नए गठबंधन को मिलेगा नया नाम, अब नहीं कहा जाएगा UPA? बेंगलुरु की बैठक में विपक्षी दल लेंगे फैसला
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से प्रस्तावित विपक्षी गठबंधन को नया नाम दिए जाने को लेकर सोमवार को सवाल पूछा गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ही इस मुद्दे पर अकेले फैसला नहीं लेगी।

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित भाजपा विरोधी दलों के नए गठबंधन को नया नाम दिया जा सकता है। इसे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की जगह कोई दूसरा नाम दिए जाने की चर्चा है। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नए नाम का एलान मंगलवार को बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक के दौरान हो सकता है। भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के खिलाफ बन रहे इस विपक्षी गठबंधन में 20 से अधिक पार्टियां शामिल होंगी। मालूम हो कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए 2004 से 2014 तक दो कार्यकाल के लिए केंद्र की सत्ता में रहा, जिसकी अध्यक्षता पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से प्रस्तावित विपक्षी गठबंधन को नया नाम दिए जाने को लेकर सोमवार को सवाल पूछा गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ही इस मुद्दे पर अकेले फैसला नहीं लेगी। विपक्षी दलों की बैठक के दौरान सामूहिक से इस पर निर्णय लिया जाएगा। वेणुगोपाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'इस मामले में हम सभी मिलकर फैसला लेंगे। मैं आपको यह अभी नहीं बता सकता कि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। यह साफ हो जाना चाहिए कि कांग्रेस अकेले यह कोई फैसला नहीं ले रही है। सभी विपक्षी दल एक साथ बैठेंगे और एकजुट होकर निर्णय लिया जाएगा।'
मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष की बड़ी बैठक
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जो शासन में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं और जिन्होंने लोगों को झूठे वादों से ठगा है, उन्हें वक्त आने पर लोग सबक सिखाएंगे। वेणुगोपाल ने कहा कि 26 विपक्षी दल एकजुट होकर आगे बढ़ने, लोगों की समस्याओं का समाधान देने और तानाशाही सरकार के क्रियाकलापों से उपजी चिंताओं से निपटने के लिए यहां हैं। संगठन महासचिव ने कहा, 'इसीलिए हम यहां आए हैं। यह दूसरी बैठक है। हम इस बैठक में आगे की रणनीति तय करेंगे। संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है और विपक्षी दल इसके लिए भी रणनीति तैयार करेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि यह भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में 'गेम चेंजर' साबित होगा।'
कांग्रेस बोली- प्रधानमंत्री को अचानक NDA की आई याद
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को एकाएक राजग (NDA) की याद आ गई है। रमेश ने कहा, 'राजग में नई जान फूंकने की कवायद की जा रही है। पहले राजग की कोई बात ही नहीं होती थी और कुछ दिनों से हम अचानक इसके बारे में पढ़ और सुन रहे हैं। खबरें है कि कल राजग की एक बैठक बुलाई गई है, तो जो राजग भूत बन गया था अब उसमें नई जान फूंकने की कोशिश की जा रही है।' उन्होंने कहा कि यह पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक का नतीजा है। यह देख कर खुशी हो रही है कि जो अब तक ये कह रहे थे कि हम अकेले पूरे विपक्ष को आसानी से हरा देंगे, वे अब हमारी पटना बैठक के बाद खुद बैठकें शुरू कर रहे हैं। यही विपक्षी एकता की वास्तविक सफलता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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