तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, सीनियर लीडर ने थामा KCR की पार्टी का दामन
श्रीवंती ने कहा, 'मेरा मानना है कि एक नेता के रूप में पहचाने जाने के लिए सम्मान की जरूरत होती है, मगर कांग्रेस में मुझे इसकी कमी दिखी। उस पार्टी का हिस्सा बनने के बाद अपमानित महसूस हुआ है।'

तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस लीडर पलवई श्रावंती ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और भारत राष्ट्र समिति (BRS) में शामिल हो गईं। श्रीवंती तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की प्रवक्ता रही हैं। बीआरएस में शामिल होने पर उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन्हें उचित प्राथमिकता नहीं दी। इसे लेकर श्रीवंती ने कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा था। इसमें उन्होंने दावा किया कि पार्टी दलालों के हाथों में चली गई है।
कांग्रेस छोड़ने पर श्रावंती ने बताया, 'यह चुनाव हर किसी के लिए बहुत अहम है। सभी पार्टियों के पास महिलाओं की मजबूत कतार होनी जरूरी है। किसी की बेटी या पत्नी नहीं, बल्कि ऐसी महिलाएं जो अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।' उन्होंने कहा कि बीआरएस ही वह जगह है जहां मेरी क्षमता को पहचाना जाएगा। मैं इसे अपने करियर के बड़े मोड़ के तौर पर देखती हूं। BRS लीडर ने कहा, 'मेरा मानना है कि एक नेता के रूप में पहचाने जाने के लिए सम्मान की जरूरत होती है, मगर कांग्रेस पार्टी में मुझे इसकी पूरी तरह से कमी दिखी। उस पार्टी का हिस्सा बनने के बाद कई बार अपमानित महसूस हुआ है।'
श्रावंती ने बताया BRS में शामिल होने का कारण
पलवई श्रावंती ने कहा कि जिस तरह की चीजों का मैंने सामना किया, उससे मुझे एक अलग नजरिया मिला है। इसलिए मुझे आगे बढ़ने, पुराने जाल से बाहर निकलने और नई शुरुआत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन सब बातों पर गौर करने के बाद मैंने बीआरएस में शामिल होने का फैसला लिया। मालूम हो कि तेलंगाना विधानसभा की 119 सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 10 नवंबर थी। इस दिन तक 2,327 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विकास राज ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव अधिकारी 13 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच करेंगे जबकि 15 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
तेलंगाना में सभी सीटों पर 30 नवंबर को मतदान
तेलंगाना में सभी निर्वाचन क्षेत्रों में 30 नवंबर को एक साथ मतदान होंगे और 3 दिसंबर को मतगणना होगी। गौरतलब है कि इस चुनाव में तेलुगू देशम पार्टी और वाईएसआर तेलंगाना पार्टी (वाईएसआरटीपी) ने मुकाबले से अपना नाम वापस ले लिया है। वाईएसआरटीपी ने आधिकारिक तौर पर कांग्रेस का समर्थन किया है। कांग्रेस के साथ गठबंधन में भारतीय कम्युनस्टि पार्टी कोठागुडेम से चुनाव लड़ रही है, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस उम्मीदवारों ने 118 सीटों पर नामांकन दाखिल किया और एक सीट भाकपा को दी है, जबकि भाजपा उम्मीदवारों ने 111 सीटों पर नामांकन दाखिल किया और 8 सीटें जनसेना को दी है। राज्य में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सभी 119 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
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