दिल्ली, राजस्थान, बिहार समेत भाजपा ने बदले 4 राज्यों के अध्यक्ष, कहां किसे मिलेगी कमान
बिहार में कुशवाहा-कोरी समाज को लुभाने के लिए भाजपा ने बड़ा दांव चला है और सम्राट चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

भाजपा ने 4 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। दिल्ली, ओडिशा, राजस्थान और बिहार में पार्टी ने नए अध्यक्ष बना दिए हैं। बिहार में कुशवाहा-कोरी समाज को लुभाने के लिए भाजपा ने बड़ा दांव चला है और सम्राट चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, वह सतीश पूनिया की जगह लेंगे। इसके अलावा दिल्ली में वीरेंद्र सचदेवा को प्रदेश की कमान दी गई है। ओडिशा में भी नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री मनमोहन सामल को अध्यक्ष बनाया गया है।
बिहार में संजय जायसवाल को हटाकर सम्राट चौधरी को मौका देना बड़ा कदम माना जा रहा है। पिछले कई सालों से सम्राट चौधरी को भाजपा प्रमोट करती रही है। इसकी वजह यह है कि वह पिछड़ी बिरादरी के नेता हैं। वहीं राजस्थान में भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बीच गुटबाजी से पार्टी परेशान थी। ऐसे में सतीश पूनिया को हटाकर सीपी जोशी को कमान दी गई है। पूनिया जाट नेता हैं और आरएसएस से जुड़े रहे हैं। पार्टी में गुटबाजी थामने के लिए ही गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाया गया था। अब सतीश पूनिया को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।
कटारिया को गवर्नर बनाए जाने के बाद से वसुंधरा राजे गुट को ताकत मिलने के कयास लग रहे थे। अब पूनिया को भी हटा दिया गया है। साफ है कि भाजपा चुनाव से पहले किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं चाहती है। बता दें कि राजस्थान में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व लगातार यह कह रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा। वहीं वसुंधरा राजे के समर्थकों की मांग है कि उन्हें ही मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया जाए। इसी को लेकर पार्टी में मतभेद की स्थिति बनी हुई है।
सम्राट चौधरी को अध्यक्ष बना नीतीश को चोट पहुंचाएगी भाजपा
बिहार की बात करें तो सम्राट चौधरी को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ओबीसी वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। खासतौर पर कुशवाहा और कोरी समुदाय में नीतीश कुमार की पैठ मानी जाती है, जिस पर भाजपा ने चोट करने की तैयारी की है। जेडीयू से अलग होने के बाद से ही भाजपा ओबीसी, एमबीसी और दलित वर्ग पर डोरे डाल रही है। ओडिशा में भी लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष समीर मोहंती को पद से हटाने की मांग चल रही थी।