महिलाओं से छेड़छाड़ रोकने का नाइट क्लब ने निकाला तोड़, एंट्री के नए नियम हुए जारी
चीन के एक प्राइवेट नाइट क्लब पर महिलाओं के यौन शोषण और छेड़छाड़ की शिकायतों से बंद होने का खतरा मंडरा रहा था। जिसके बाद उसने इनसे बचने का तोड़ निकाल लिया है।

चीन के एक प्राइवेट नाइट क्लब पर महिलाओं के यौन शोषण और छेड़छाड़ की शिकायतों से बंद होने का खतरा मंडरा रहा था। जिसके बाद उसने क्लब में पुरुषों की एंट्री कराने और अपने क्लब को इन शिकायतों से बचाने का नया तोड़ ढूंढ लिया है। रिपोर्ट है कि क्लब ने अपने यहां आने वाले सभी पुरुषों से एग्रीमेंट करने का फैसला लिया है, जिसमें वो लिखित में देंगे कि क्लब के अंदर वे किसी भी महिला के साथ किसी तरह का कोई अनुचित व्यवहार नहीं करेंगे।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के एक निजी क्लब ने सभी पुरुष आगंतुकों से एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का नया नियम निकाला है, जिसमें पुरुषों को यह लिखना अनिवार्य होगा कि कि वे क्लब के अंदर महिला मेहमानों का यौन उत्पीड़न नहीं करेंगे। दक्षिणपूर्वी चीन के गुआंगडोंग प्रांत में डार्क पैलेस नाम के क्लब ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बाद महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्लब को बंद होने से बचाने के लिए यह फैसला लिया है।
क्लब ने वीचैट पर घोषणा की, "भविष्य में जो भी पुरुष डार्क पैलेस में प्रवेश करना चाहते हैं, उन्हें यौन उत्पीड़न विरोधी समझौते पर हस्ताक्षर करने ही होंगे।"
अपमानजनक घटनाओं से लिया सबक
क्लब के प्रबंधन ने कहा कि वे मेहमानों पर अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगाना चाहते थे, लेकिन क्लब में हाल ही में हुई "अपमानजनक" घटना के मद्देनजर उसे यह निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। क्लब प्रबंधन का यह भी कहना है कि पत्र पर हस्ताक्षर करना भी लोगों के लिए कोई समस्या पैदा नहीं कर रहा है। वे बड़ी आसानी से ऐसा करने पर राजी हैं।
समझौते के पत्र में कहा गया है, "यदि आप उन लोगों में से हैं जो संगीत, समानता और भाईचारे पर विश्वास करते हैं, तो आपको इस पर हस्ताक्षर करना अच्छा लगेगा।" क्लब का कहना है कि जिन पुरुषों को समझौते के पत्र से कोई समस्या है, उन्हें एंट्री नहीं दी जा रही है।
क्लब के फैसले पर रिएक्शन
इस बीच, क्लब के फैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही हैं। कुछ लोगों ने क्लब में पुरुषों की एंट्री पर नए नियमों को लेकर जनादेश का समर्थन किया है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस कदम का स्वागत किया है। कुछ नेटिजन्स ने मांग की है कि महिला आगंतुकों से भी यौन उत्पीड़न विरोधी समझौते के पत्र पर हस्ताक्षर कराया जाना चाहिए।
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